UP Swine Flu Alert: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी Influenza A (H1N1) के बढ़ते मामलों के बीच पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह भी संक्रमित पाए गए हैं। पिछले कुछ दिनों से बुखार की शिकायत के बाद उन्होंने लखनऊ स्थित KGMU में जांच कराई थी। जांच में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की सलाह के बाद मंत्री फिलहाल आइसोलेशन में हैं और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
कई दिनों से बुखार से परेशान थे मंत्री
रिपोर्ट के अनुसार जयवीर सिंह को पिछले कई दिनों से बुखार था। उस दौरान वह फिरोजाबाद में थे और बाद में लखनऊ पहुंचकर अपनी जांच कराई। KGMU के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई जांच में मलेरिया की रिपोर्ट निगेटिव आई, जबकि Influenza A H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें अलग रहने और निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी।
फिलहाल अस्पताल में भर्ती नहीं
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मंत्री को अभी अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। वह डॉक्टरों की निगरानी में आइसोलेशन में हैं। कुछ रिपोर्टों में डॉक्टरों की टीम के उनके सरकारी आवास पहुंचने और परिवार तथा स्टाफ के सैंपल लिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि सीमित है, इसलिए इन्हें आधिकारिक पुष्टि के बाद ही निश्चित तथ्य के तौर पर देखा जाना चाहिए।
चार दिनों में सामने आए 134 नए केस
उत्तर प्रदेश में H1N1 संक्रमण के आंकड़ों में तेजी से वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 29 अगस्त तक 551 मामले दर्ज थे, जबकि 1 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 685 हो गई। यानी कुछ ही दिनों में 134 नए मामले सामने आए हैं। गौतमबुद्ध नगर, मेरठ और गाजियाबाद समेत NCR से जुड़े जिलों में संक्रमण के मामले ज्यादा बताए जा रहे हैं।
लखनऊ में भी मिले नए मरीज
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को H1N1 के चार नए मरीज सामने आने की जानकारी मिली है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित मरीजों की निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों को फीवर OPD और फीवर डेस्क की व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर बेड और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
फिरोजाबाद और बदायूं में मौत की खबर
फिरोजाबाद में 69 वर्षीय H1N1 संक्रमित व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत की खबर सामने आई है। वहीं बदायूं में 73 वर्षीय संक्रमित महिला की भी उपचार के दौरान मृत्यु बताई गई है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इन दोनों मौतों को अभी केवल H1N1 संक्रमण के कारण हुई मौत के रूप में आधिकारिक तौर पर प्रमाणित नहीं किया है। संदिग्ध मामलों का डेथ ऑडिट कराया जा रहा है।
H1N1 के प्रमुख लक्षण क्या हैं?
H1N1 Influenza A वायरस का एक प्रकार है और इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं। संक्रमित व्यक्ति को अचानक बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान की शिकायत हो सकती है। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। संक्रमण संक्रमित बूंदों और दूषित हाथों या सतहों के संपर्क से फैल सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी चाहिए?
छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अस्थमा, डायबिटीज, हृदय या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों में फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर जल्द चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
खुद से दवा लेने से बचें
फ्लू या बुखार के लक्षण होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेना उचित नहीं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक antiviral दवाएं दे सकते हैं। ऐसे उपचार बीमारी के शुरुआती चरण में अधिक प्रभावी हो सकते हैं, खासकर गंभीर संक्रमण के जोखिम वाले मरीजों में।
संक्रमण से बचाव के आसान तरीके
H1N1 से बचने के लिए खांसते या छींकते समय नाक-मुंह ढकना, हाथों को नियमित रूप से साफ रखना और बीमार होने पर भीड़ से दूरी बनाना जरूरी है। लक्षण होने पर घर पर रहना और दूसरों के संपर्क में आने पर मास्क का इस्तेमाल संक्रमण फैलने का जोखिम कम कर सकता है। फ्लू वैक्सीनेशन भी गंभीर Influenza से बचाव में मददगार उपाय माना जाता है।
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