US Brazil Tensions : एक ओर जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते ने खाड़ी क्षेत्र के तनाव को कम किया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ब्राजील के बीच कड़वाहट तेजी से बढ़ रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को स्पष्ट और सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वे ब्राजील के आगामी अक्टूबर चुनाव में किसी भी प्रकार की दखलंदाजी से बाज आएं। यह तल्खी दोनों राष्ट्रपतियों के बीच बढ़ते वैचारिक मतभेदों और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों के बाद सामने आई है।

न्यायिक कार्रवाई पर ट्रंप की आलोचना से भड़के लूला
राष्ट्रपति लूला का यह कड़ा बयान ट्रंप द्वारा ब्राजील की न्यायपालिका की आलोचना करने के बाद आया है। ट्रंप ने ब्राजील में अपने सहयोगी और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रियाओं को “विच-हंट ट्रायल” करार दिया था। इसके जवाब में, लूला ने स्पष्ट किया कि ब्राजील की संप्रभुता सर्वोपरि है और बाहरी ताकतों को देश के आंतरिक मामलों में बोलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने अमेरिकी प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की, जो विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एलेक्जेंडर डी मोरेस पर लगाए गए थे।

बोल्सोनारो परिवार पर कानूनी शिकंजा और ट्रंप का रुख
ब्राजील की राजनीति में भूचाल तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति के बेटे और पूर्व सांसद एडुआर्डो बोल्सोनारो को तख्तापलट की साजिश में बाधा डालने और दबाव बनाने के आरोप में 4 साल 2 महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद ट्रंप ने ब्राजील को “राजनीतिक रूप से खतरनाक” देश घोषित कर दिया। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि ब्राजील सरकार जानबूझकर बोल्सोनारो परिवार को निशाना बना रही है, जो भविष्य के चुनावों में मजबूत दावेदार हैं। वहीं, लूला ने पलटवार करते हुए कहा कि ट्रंप ब्राजील की जमीनी हकीकत को नहीं समझते।
लूला का करारा जवाब: ब्राजील का चुनाव, ब्राजील का मामला
फ्रांस के एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लूला ने ट्रंप को आइना दिखाया। उन्होंने कहा, “अगर ट्रंप बोल्सोनारो परिवार के प्रति अपनी निष्ठा के जरिए ब्राजील को समझने का दावा कर रहे हैं, तो वे पूरी तरह गलत हैं।” लूला ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें ट्रंप की बोल्सोनारो परिवार से दोस्ती से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह ब्राजील की जनता का अपना मामला है।
व्यापारिक जंग और सुरक्षा नीति के जरिए दबाव की राजनीति
तनाव केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं है। ट्रंप प्रशासन ने ब्राजील से होने वाले आयात पर 25% का भारी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिसे अनुचित व्यापारिक प्रतिस्पर्धा का नाम दिया गया है। इसके अलावा, अमेरिका ने ब्राजील के दो बड़े ड्रग सिंडिकेट्स को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है, जिसे लूला सरकार एक राजनीतिक चाल मानती है। जानकार मानते हैं कि बोल्सोनारो परिवार की वाशिंगटन यात्रा के बाद ये कदम उठाना, सीधे तौर पर लूला प्रशासन को कमजोर करने की एक सोची-समझी कूटनीतिक रणनीति है।

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