US Midterm Elections 2026 : अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कई राज्यों में पोलिंग स्टेशन बंद होने के बाद मतगणना जारी है। इन चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों—प्रतिनिधि सभा और सीनेट—में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा, इस पर अमेरिका के साथ-साथ दुनियाभर की नजरें टिकी हुई हैं।
रिपब्लिकन बॉब लाटा ने ओहायो से दर्ज की जीत
US Midterm Election results 2026: रिपब्लिकन पार्टी के बॉब लाटा ओहायो के 5वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से दोबारा अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव जीते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी संसद में अपने लिए एक और कार्यकाल सुनिश्चित कर लिया है।

डेमोक्रेट रेबेका बेनेट ने न्यू जर्सी में रिपब्लिकन की सीट छीनी
US Midterm Election results 2026: न्यू जर्सी में मंगलवार को डेमोक्रेट रेबेका बेनेट ने रिपब्लिकन सांसद टॉम कीन को हराकर उनकी सीट छीन ली है। अमेरिकी नौसेना की पूर्व हेलीकॉप्टर पायलट बेनेट ने टॉम कीन को चुनाव में मात दी। कीन को न्यू जर्सी के रिपब्लिकन सांसदों में सबसे कमजोर स्थिति वाला उम्मीदवार माना जा रहा था।

भारतीय मूल की डेमोक्रेट पिया डांडिया ने फ्लोरिडा से जीत हासिल की
भारतीय मूल की डेमोक्रेट पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराकर जीत हासिल की है। यह दक्षिण फ्लोरिडा के उन प्रमुख चुनावों में से एक था जिन पर 2026 के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में करीबी नजर रखी जा रही थी। डांडिया की यह जीत भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। खबरों के मुताबिक, वह फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी और अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनी जाने वाली 10वीं भारतीय-अमेरिकी हैं।
सुहास सुब्रमण्यम वर्जीनिया से अमेरिकी कांग्रेस सदस्य के रूप में पुनः निर्वाचित हुए
राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार रहे सुहास सुब्रमण्यम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य के रूप में पुनः निर्वाचित हुए हैं। 40 वर्षीय सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेस जिले से जीत हासिल की, जहां उन्हें 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन डेव बेकविथ को केवल 36.4 प्रतिशत वोट ही प्राप्त हुए।
भारतीय माता-पिता के घर ह्यूस्टन में जन्मे सुब्रमण्यम ने न्यू ऑरलियन्स के ट्यूलेन विश्वविद्यालय में कॉलेज की पढ़ाई के दौरान सेवा भाव सीखा, जहां उन्होंने कैटरीना तूफान से प्रभावित समुदायों के पुनर्निर्माण के लिए स्वयंसेवकों को संगठित करने में मदद की। उन्होंने कैपिटल हिल में नीति सलाहकार के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने लाखों अमेरिकियों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुँच को बढ़ाने और बेहतर बनाने के लिए काम किया, आव्रजन सुधार के समर्थन में द्विदलीय गठबंधन बनाने में मदद की, और पूर्व सैनिकों, वरिष्ठ नागरिकों और कामकाजी परिवारों के लिए रोजगार के अवसर और धन बढ़ाने के लिए कानून का मसौदा तैयार किया।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत के लिए 218 सीटें चाहिए
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (435 सीटें): बहुमत के लिए 218 सीटों की आवश्यकता है।
फ्लोरिडा में रिपब्लिकन जिमी पैट्रोनिस की दोबारा जीत
रिपब्लिकन जिमी पैट्रोनिस ने फ्लोरिडा के प्रथम कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पुनः चुनाव जीतकर प्रतिनिधि सभा में अपना एक और कार्यकाल सुरक्षित कर लिया है। उनकी जीत से रिपब्लिकन पार्टी को यह सीट बरकरार रखने में मदद मिली है, क्योंकि दोनों पार्टियां 2026 के मध्यावधि चुनावों में कांग्रेस पर नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही हैं।
डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार जेम्स टैलेरिको ने जीत हासिल की
सीएनएन के अनुसार, डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार जेम्स टैलेरिको ने टैरेंट काउंटी में शुरुआती वोटिंग में 21 प्रतिशत अंकों की शानदार जीत हासिल की। फोर्ट वर्थ का घर और कभी राज्य का सबसे बड़ा रिपब्लिकन काउंटी रहा यह क्षेत्र, दो साल पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 5 प्रतिशत अंकों के अंतर से वोट दे चुका था।
कांग्रेस पर नियंत्रण के लिए रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में मुकाबला
मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों पर मतदान हुआ है, जबकि सीनेट की 100 में से 35 सीटों के लिए चुनाव आयोजित किए गए। प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। वहीं सीनेट में बहुमत का आंकड़ा 51 है। चुनाव से पहले दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। डेमोक्रेट्स की कोशिश है कि वे अधिक सीटें जीतकर कांग्रेस में अपनी स्थिति मजबूत करें और ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकें।
नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर की जीत से डेमोक्रेट्स उत्साहित
शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को कुछ महत्वपूर्ण सफलताएं मिली हैं। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ कैरोलिना के पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली को हराकर सीनेट सीट जीत ली है। इस जीत को डेमोक्रेट्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पार्टी को रिपब्लिकन के कब्जे वाली सीट हासिल करने में सफलता मिली है।
न्यू हैम्पशायर में क्रिस पैप्पस ने दर्ज की जीत
न्यू हैम्पशायर से भी डेमोक्रेट्स के लिए अच्छी खबर सामने आई है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार क्रिस पैप्पस ने रिपब्लिकन जॉन सुनुनू को हराकर सीनेट सीट पर जीत हासिल की। इस परिणाम से रिपब्लिकन पार्टी को उस सीट पर बढ़त बनाने का मौका नहीं मिला, जिस पर उसकी नजर थी। पैप्पस की जीत को सीनेट में डेमोक्रेट्स की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
टेक्सास में जेम्स टैलेरिको के प्रदर्शन की चर्चा
टेक्सास में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार जेम्स टैलेरिको के प्रदर्शन ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ाई है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, टैरेंट काउंटी में शुरुआती मतगणना के दौरान उन्हें अच्छी बढ़त मिली। यह इलाका पहले रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में शुरुआती रुझान डेमोक्रेट्स के लिए उत्साहजनक माने जा रहे हैं। हालांकि, शुरुआती वोटों के आधार पर पूरे राज्य का अंतिम परिणाम तय नहीं माना जा सकता।
फ्लोरिडा में रिपब्लिकन उम्मीदवारों को सफलता
फ्लोरिडा में रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने भी कई मुकाबलों में जीत दर्ज की है। उपलब्ध शुरुआती अपडेट के अनुसार, जिमी पैट्रोनिस ने प्रथम कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी। वहीं अन्ना पॉलिना लूना ने फ्लोरिडा के 13वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में जीत हासिल की। दूसरी ओर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार लोइस फ्रैंकेल और डेबी वासरमैन शुल्त्ज़ ने भी अपनी सीटों पर जीत दर्ज की।
न्यूयॉर्क और वर्जीनिया से भी आए नतीजे
चुनाव अपडेट में न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल और वर्जीनिया के सीनेटर मार्क वॉर्नर की जीत की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों के सभी नतीजों की आधिकारिक पुष्टि और अंतिम आंकड़ों पर नजर रखना जरूरी है।
ट्रंप प्रशासन के लिए क्यों अहम हैं ये चुनाव?
मध्यावधि चुनाव को राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच जनता के रुख का महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। अगर डेमोक्रेट्स किसी एक या दोनों सदनों में बहुमत हासिल करते हैं, तो ट्रंप प्रशासन के लिए कानून पारित कराना और नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। फिलहाल मतगणना जारी है और कांग्रेस के दोनों सदनों का अंतिम राजनीतिक समीकरण स्पष्ट होने में समय लग सकता है।
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