Venezuela Crisis
Venezuela Crisis: वेनेजुएला के राजनीतिक इतिहास में एक नया और अनिश्चित अध्याय शुरू हो गया है। अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, देश की कमान अब डेल्सी रोड्रिग्ज के हाथों में आ गई है। राजधानी काराकस स्थित संसद भवन में आयोजित एक गरिमामय और भावुक समारोह में डेल्सी रोड्रिग्ज ने वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पद की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को ‘अपहरण’ करार देते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वह मातृभूमि पर हुए नाजायज सैन्य आक्रमण और लोगों को हुई तकलीफों के दुख के साथ इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर रही हैं।
शपथ ग्रहण समारोह की सबसे खास बात यह रही कि डेल्सी रोड्रिग्ज को उनके सगे भाई और नेशनल असेंबली के नेता जॉर्ज रोड्रिग्ज ने पद की शपथ दिलाई। डेल्सी ने अपना दाहिना हाथ उठाकर देश के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। मादुरो प्रशासन के पतन के बाद रोड्रिग्ज परिवार अब वेनेजुएला की सत्ता के केंद्र में है। डेल्सी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार इस कठिन समय में वेनेजुएला के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे बाहरी चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों।
18 मई 1969 को काराकस में जन्मी डेल्सी रोड्रिग्ज की रगों में राजनीति जन्मजात है। उनके पिता, जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिग्ज, एक विख्यात वामपंथी नेता थे जिन्होंने 1970 के दशक में मार्क्सवादी पार्टी ‘लीगा सोशलिस्टा’ की स्थापना की थी। डेल्सी को पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता है। मादुरो अक्सर उनकी दृढ़ता और निडर स्वभाव के कारण उन्हें ‘शेरनी’ कहकर संबोधित करते थे। डेल्सी ने अपने करियर में विदेश मंत्री, संचार मंत्री और उपराष्ट्रपति जैसे कई अहम पदों पर कार्य किया है। वह दिवंगत नेता ह्यूगो चावेज और मादुरो दोनों की पसंदीदा और विश्वसनीय रणनीतिकार रही हैं।
एक तरफ वेनेजुएला में नई अंतरिम सरकार का गठन हुआ है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेवर कड़े कर लिए हैं। सैन्य कार्रवाई के बाद ट्रंप ने अब डेल्सी रोड्रिग्ज को व्यक्तिगत रूप से आगाह किया है। ‘द अटलांटिक’ को दिए गए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा, “अगर वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति सही दिशा में काम नहीं करती हैं, तो उन्हें इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।” ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका वेनेजुएला की नई सरकार पर अपनी शर्तों को मनवाने के लिए दबाव बनाए रखेगा।
ट्रंप की यह चेतावनी उनके पुराने बयानों से कहीं अधिक सख्त है, जो दर्शाता है कि अमेरिका अब वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में पूर्ण नियंत्रण की स्थिति चाहता है। ट्रंप प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला से ड्रग तस्करी को खत्म करना और अमेरिकी हितों के अनुकूल सरकार की स्थापना सुनिश्चित करना है। डेल्सी रोड्रिग्ज के लिए चुनौती यह है कि वह एक तरफ मादुरो के समर्थकों को एकजुट रखें और दूसरी तरफ दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति के सीधे सैन्य और आर्थिक दबाव का सामना करें।
वेनेजुएला के आम नागरिक इस समय कशमकश में हैं। एक ओर मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उनके शासन का अंत हुआ है, तो दूसरी ओर अमेरिकी हस्तक्षेप और ट्रंप की धमकियों ने युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। डेल्सी रोड्रिग्ज की ‘शेरनी’ वाली छवि अब अग्निपरीक्षा के दौर में है। क्या वह ट्रंप की शर्तों के आगे झुकेंगी या अपने पिता की मार्क्सवादी विचारधारा और मादुरो की विरासत को बचाए रखने के लिए संघर्ष का रास्ता चुनेंगी? काराकस की सड़कें फिलहाल शांत हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में बड़े तूफान की आहट सुनाई दे रही है।
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