Deputy CM Vijay Sharma: नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में इस बार रक्षाबंधन का त्योहार एक खास संदेश के साथ मनाया गया। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं और दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला कमांडोज़ से राखी बंधवाकर उन्हें सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिलाया।

दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे उपमुख्यमंत्री
शनिवार को अपने दौरे के दूसरे दिन उपमुख्यमंत्री सबसे पहले दंतेवाड़ा के प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने देवी के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली और शांति की कामना की। इसके बाद वे सर्किट हाउस पहुंचे, जहां सरेंडर महिला नक्सली और दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला जवान पहले से मौजूद थीं। डिप्टी सीएम के साथ मंत्री केदार कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, आईजी और कलेक्टर भी मौजूद रहे। महिला कमांडोज़ ने डिप्टी सीएम को राखी बांधी और उनका उत्साह देखते ही बनता था। दंतेश्वरी फाइटर्स की जवान सुंदरी कोर्राम ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उन्हें गृह मंत्री को राखी बांधने का मौका मिला। उन्होंने आग्रह किया कि भविष्य में नक्सल मोर्चे पर तैनात डीआरजी जवानों की बहनों को भी यह अवसर मिलना चाहिए।

रेंडर महिला नक्सलियों से संवाद
रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सरेंडर महिला नक्सलियों से संवाद किया और उन्हें सरकार की पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने पर पूरी सहायता दी जाएगी। शर्मा ने कहा, “सरेंडर करने वाली बहनों से राखी बंधवाना मेरे लिए गर्व की बात है। यह केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और समाज में पुनः सम्मान के साथ जुड़ने का प्रतीक है।” इसके बाद उन्होंने दंतेश्वरी फाइटर्स की महिला जवानों से भी राखी बंधवाई। उन्होंने जवानों की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिला कमांडो विषम परिस्थितियों में नक्सलियों से लोहा लेकर जो कार्य कर रही हैं, वह राज्य के लिए गर्व की बात है।
2026 तक नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार “विकास, विश्वास और सुरक्षा” की नीति पर काम कर रही है और 2026 तक पूरा छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होगा।
वनवासी बच्चों के बीच पहुंचे डिप्टी सीएम
इससे पहले शुक्रवार को शर्मा गीदम विकासखंड के हिरानार गांव स्थित वनाचल शिक्षा सेवा प्रकल्प संस्था पहुंचे। उन्होंने परिसर का निरीक्षण किया और शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी ली। संस्था में एलकेजी से 10वीं तक की पढ़ाई हो रही है। संस्था की प्राचार्य अनिता सोरी ने बताया कि इस वर्ष तीन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों ने यहां प्रवेश लिया है और वर्तमान में कुल 102 छात्र अध्ययनरत हैं।
दंतेवाड़ा में रक्षाबंधन पर हुए इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार सरेंडर नक्सलियों और नक्सलवाद से लड़ रही महिला कमांडोज़ – दोनों के साथ खड़ी है। राखी के इस पर्व को सशक्तिकरण और पुनर्वास के प्रतीक के रूप में बदलकर, सरकार ने सामाजिक समरसता और सुरक्षा के नए अध्याय की शुरुआत की है।











