Walking for Blood Sugar : वॉक करना सेहत के लिए सबसे आसान और फायदेमंद शारीरिक गतिविधियों में शामिल है। नियमित रूप से टहलने से वजन नियंत्रित रखने, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। लेकिन डायबिटीज या बढ़ते ब्लड शुगर से परेशान लोगों के मन में अक्सर सवाल रहता है कि क्या रोजाना वॉक करने से शुगर लेवल भी कंट्रोल किया जा सकता है? विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित पैदल चलना ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है। खास बात यह है कि वॉक करने का समय और उसकी अवधि भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

चलने के दौरान मांसपेशियां इस्तेमाल करती हैं ग्लूकोज
फोर्टिस अस्पताल, नोएडा के सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजी डॉ. अनुपम बिस्वास के अनुसार, वॉक करना ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के आसान और प्रभावी तरीकों में से एक है। जब कोई व्यक्ति पैदल चलता है, तो उसकी मांसपेशियों को काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। इस ऊर्जा के लिए मांसपेशियां खून में मौजूद ग्लूकोज का इस्तेमाल करती हैं। इससे भोजन या अन्य कारणों से बढ़े ब्लड शुगर को कम करने में मदद मिल सकती है।

इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर बनाने में भी मददगार
नियमित रूप से चलने का एक अन्य फायदा यह है कि इससे शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी यानी इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बेहतर हो सकती है। इसका अर्थ है कि शरीर इंसुलिन का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर पाता है। इंसुलिन खून में मौजूद ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने में मदद करता है, जहां इसका उपयोग ऊर्जा के लिए किया जाता है। इस तरह नियमित वॉक शरीर के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकती है।
लंच और डिनर के बाद 10 से 15 मिनट टहलें
डॉक्टर के मुताबिक, भोजन करने के बाद हल्की या मध्यम गति से टहलना ब्लड शुगर के नियंत्रण में मदद कर सकता है। लंच या डिनर के बाद लगभग 10 से 15 मिनट की वॉक करने से खाने के बाद बढ़ने वाले ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है। भोजन के बाद शरीर में ग्लूकोज बढ़ता है और उस समय मांसपेशियों की सक्रियता ग्लूकोज के इस्तेमाल को बढ़ावा दे सकती है।
डिनर के बाद टहलना हो सकता है अच्छा विकल्प
जो लोग दिनभर ऑफिस या घर पर बैठकर काम करते हैं, उनके लिए रात के खाने के बाद थोड़ी देर टहलना उपयोगी आदत हो सकती है। इससे भोजन के बाद शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिलती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सुबह की वॉक का कोई फायदा नहीं है। सुबह टहलने से भी हृदय स्वास्थ्य, वजन प्रबंधन और इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

शुरुआत 10 से 15 मिनट की वॉक से करें
विशेषज्ञों की सलाह है कि एक ही समय पर बहुत देर तक चलने के बजाय दिनभर शारीरिक गतिविधियां बनाए रखना बेहतर है। यदि आप नियमित रूप से वॉक नहीं करते हैं, तो शुरुआत 10 से 15 मिनट पैदल चलने से कर सकते हैं। इसके बाद अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। लगातार अभ्यास करने से वॉक को रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा बनाना आसान हो सकता है।
सप्ताह में कम से कम 150 मिनट का रखें लक्ष्य
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सामान्य तौर पर सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि का लक्ष्य रखने की सलाह देते हैं। इसमें तेज चाल से चलना भी शामिल हो सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता अलग होती है। इसलिए अपनी सुविधा और डॉक्टर की सलाह के अनुसार वॉक की अवधि और गति तय करना बेहतर है।
हाइपोग्लाइसीमिया के खतरे को न करें नजरअंदाज
डायबिटीज से पीड़ित लोगों को वॉक शुरू करते समय अपनी दवाओं और ब्लड शुगर के स्तर का ध्यान रखना चाहिए। खासकर जो लोग इंसुलिन या ऐसी दवाएं लेते हैं जिनसे ब्लड शुगर कम हो सकता है, उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया यानी शुगर बहुत कम होने के खतरे के प्रति सतर्क रहना चाहिए। जरूरत के अनुसार डॉक्टर की सलाह से वॉक से पहले और बाद में ब्लड शुगर की जांच करना उपयोगी हो सकता है।
वॉक को दवा और खानपान का विकल्प न समझें
डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए नियमित व्यायाम के साथ संतुलित खानपान और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का पालन करना भी जरूरी है। केवल वॉक करने से हर व्यक्ति का ब्लड शुगर सामान्य हो जाएगा, ऐसा जरूरी नहीं है। यदि वॉक के दौरान चक्कर, कमजोरी, कंपकंपी या पसीना आने जैसे लक्षण महसूस हों, तो गतिविधि रोककर ब्लड शुगर की जांच करें और चिकित्सकीय सलाह लें।
ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए सही समय पर नियमित वॉक जरूरी
रोजाना पैदल चलना ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से नियंत्रित रखने में मददगार आदत हो सकती है। खासकर लंच और डिनर के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक फायदेमंद हो सकती है। सुबह की वॉक भी स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। सबसे जरूरी है नियमितता, संतुलित खानपान और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन जारी रखना।
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