Vitamin Timing : शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा जरूरी होती है। इनकी कमी होने पर डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों और जरूरत के अनुसार जांच कराने की सलाह देते हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही जरूरी सप्लीमेंट और उनकी खुराक तय की जाती है। हालांकि, कई लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के विटामिन-मिनरल सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं। सही सप्लीमेंट, सही मात्रा और सही समय का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति की जरूरत अलग हो सकती है।
विटामिन B12 कब और कैसे लें?
विटामिन B12 को सामान्यतः भोजन के साथ या भोजन के बिना लिया जा सकता है और इसे दिन में किसी भी समय लेने की सलाह दी जा सकती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात नियमितता है। डॉक्टर व्यक्ति की जरूरत के अनुसार टैबलेट, मुंह में घुलने वाली दवा या इंजेक्शन की सलाह दे सकते हैं। B12 की कमी की पुष्टि या उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही सप्लीमेंट लेना उचित है।
मैग्नीशियम लेने का सही तरीका
मैग्नीशियम शरीर में मांसपेशियों और कई अन्य सामान्य शारीरिक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे भोजन के साथ लेने से कुछ लोगों में पेट संबंधी परेशानी कम हो सकती है। कुछ लोग इसे रात में लेना पसंद करते हैं, खासकर जब उनका उद्देश्य आराम और नींद की दिनचर्या को सपोर्ट करना हो। मैग्नीशियम को कैल्शियम, आयरन और जिंक जैसे सप्लीमेंट्स से अलग समय पर लेने की जरूरत कुछ स्थितियों में पड़ सकती है।
विटामिन C कैसे लेना चाहिए?
विटामिन C को भोजन के साथ या उसके बिना लिया जा सकता है। यदि खाली पेट लेने पर एसिडिटी या पेट में परेशानी महसूस होती है तो इसे भोजन के साथ लेना बेहतर हो सकता है। विटामिन C पौधों से मिलने वाले नॉन-हीम आयरन के अवशोषण में मदद करता है। अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेने की जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार खुराक निर्धारित करनी चाहिए।
विटामिन D3 कब लेना चाहिए?
विटामिन D एक फैट-सॉल्युबल विटामिन है, इसलिए इसे ऐसे भोजन के साथ लेना उपयोगी हो सकता है जिसमें कुछ मात्रा में वसा मौजूद हो। दूध, दही, अंडे, नट्स या अन्य स्वस्थ वसा वाले खाद्य पदार्थ इसके उदाहरण हो सकते हैं। इसे सुबह या शाम लिया जा सकता है। विटामिन D की खुराक व्यक्ति की जांच और आवश्यकता के अनुसार डॉक्टर तय कर सकते हैं।
जिंक सप्लीमेंट लेने का सही तरीका
जिंक को भोजन के साथ लेने से कुछ लोगों में मितली या पेट खराब होने जैसी समस्या का खतरा कम हो सकता है। आयरन और कैल्शियम के साथ इसके सेवन का समय अलग रखने की जरूरत हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में इनके बीच कई घंटे का अंतर रखने की सलाह दी जाती है। जिंक लेते समय अत्यधिक चाय, कॉफी या बहुत अधिक फाइबर वाले भोजन के सेवन का समय भी ध्यान में रखना चाहिए।
कैल्शियम कब और कैसे लें?
कैल्शियम सप्लीमेंट का अवशोषण उसके प्रकार और भोजन पर निर्भर कर सकता है। कुछ कैल्शियम सप्लीमेंट भोजन के साथ बेहतर तरीके से लिए जाते हैं। यदि अधिक मात्रा की जरूरत हो तो एक साथ लेने के बजाय विभाजित खुराक की सलाह दी जा सकती है। कैल्शियम कुछ दवाओं, जैसे लेवोथायरोक्सिन और कुछ एंटीबायोटिक्स के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इनके बीच उचित अंतर रखना जरूरी है।
फोलेट यानी विटामिन B9 कैसे लें?
फोलेट शरीर में DNA निर्माण और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण जैसी प्रक्रियाओं के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसे भोजन के साथ या बिना भोजन के लिया जा सकता है। गर्भावस्था की योजना बना रही महिलाओं और गर्भवती महिलाओं के लिए फोलेट की पर्याप्त मात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्तनपान के दौरान भी जरूरत व्यक्ति की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी
विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट को अपनी मर्जी से शुरू करना उचित नहीं है। किसी पोषक तत्व की कमी की पुष्टि, व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान और चल रही दवाओं के आधार पर सप्लीमेंट की जरूरत और खुराक अलग हो सकती है। इसलिए नियमित रूप से सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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