Wall Street Journal sued : पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल के खिलाफ 1 बिलियन डॉलर (लगभग ₹86,000 करोड़) का मानहानि मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा अखबार द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के खिलाफ दायर किया गया है, जिसमें उन्हें कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जोड़ने का दावा किया गया था। ट्रंप ने इसे “झूठा और दुर्भावनापूर्ण” बताते हुए कहा कि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है।
इस विवाद के समानांतर, ट्रंप प्रशासन ने न्यूयॉर्क की एक अदालत में याचिका दायर कर एपस्टीन ग्रैंड जूरी फाइलों के कुछ हिस्से सार्वजनिक करने की मांग की है। ट्रंप का दावा है कि 2019 के यौन तस्करी केस में दर्ज गुप्त गवाही सार्वजनिक हित में सामने आनी चाहिए। अमेरिकी न्याय विभाग ने भी कोर्ट में औपचारिक आवेदन देकर ट्रांसक्रिप्ट्स को सार्वजनिक करने की अनुमति मांगी है।
इस मामले में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने भी सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि उनका नाम भी एपस्टीन की फाइलों में शामिल था। मस्क ने हाल ही में अमेरिका में एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया है और उनका कहना है कि इस पार्टी का एक प्रमुख उद्देश्य एपस्टीन से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करना है। उनके इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ग्रैंड जूरी, अमेरिकी न्याय प्रणाली में एक विशेष पैनल होता है जो यह तय करता है कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आरोप लगाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं या नहीं। इस प्रक्रिया में गवाहों की गवाही और पहचान गुप्त रखी जाती है। हालांकि, विशेष मामलों में अदालत सार्वजनिक हित को देखते हुए इन दस्तावेजों को उजागर कर सकती है। ट्रंप प्रशासन ने ऐसे ही आधार पर फाइल जारी करने की मांग की है।
विवादित रिपोर्ट में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दावा किया कि ट्रंप ने 2003 में एपस्टीन को जन्मदिन पर एक टाइपराइटर से लिखा पत्र भेजा था, जिसमें एक नग्न महिला का चित्र बना था। ट्रंप ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “मैंने कभी कोई चित्र नहीं बनाया। यह मेरी भाषा नहीं है।” उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना और जनता को गुमराह करने वाला प्रयास करार दिया।
ट्रंप ने सिर्फ अखबार ही नहीं, बल्कि डॉव जोन्स और मीडिया टायकून रूपर्ट मर्डोक को भी मामले में घसीटा है। उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रयास एक संगठित साजिश का हिस्सा है, जिसका मकसद उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करना है। ट्रंप के इस कानूनी कदम ने अमेरिका में मीडिया और राजनीति की नई बहस को जन्म दे दिया है।
जेफरी एपस्टीन से जुड़ा यह विवाद अब महज एक सामाजिक या कानूनी मुद्दा नहीं, बल्कि राजनीतिक युद्धभूमि बन चुका है। ट्रंप ने मीडिया पर हमला बोलते हुए अपनी छवि बचाने के लिए कानूनी मोर्चा खोल दिया है, वहीं एपस्टीन फाइलों की संभावित सार्वजनिकता कई बड़े नामों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
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