West Bengal Political Crisis : पश्चिम बंगाल की सियासत में इस समय एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक भूचाल देखने को मिल रहा है। सूबे की सत्ता से ममता बनर्जी की विदाई होते ही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ताश के पत्तों की तरह बिखरने लगी है। लंबे समय तक एकछत्र राज करने वाली टीएमसी अब पूरी तरह से टूट की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। पार्टी के भीतर असंतोष की ज्वाला इतनी भड़क चुकी है कि कई कद्दावर सांसदों ने खुलेआम बागी रुख अख्तियार कर लिया है। ममता बनर्जी का अपने नेताओं पर से नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है, जिसके कारण पार्टी के भीतर सालों से दबा गुस्सा अब सड़कों और बैठकों के जरिए खुलकर सामने आ रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि टीएमसी के इतिहास का यह सबसे बड़ा बिखराव है, जिससे उबर पाना पार्टी के लिए अब लगभग नामुमकिन साबित होने वाला है। दिल्ली में बीजेपी नेता के घर गुप्त बैठक टीएमसी के बागी खेमे की सरगर्मियां अब सीधे देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई हैं। तृणमूल कांग्रेस के कई असंतुष्ट और बागी सांसद आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर पहुंचे। भूपेंद्र यादव के घर पर एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि इसमें पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। शुभेंदु अधिकारी और भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में हुई इस बैठक ने बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में टीएमसी के बागी सांसदों के बीजेपी में शामिल होने की रूपरेखा और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई है। बगावत करने वाले टीएमसी सांसदों की सूची आई सामने बीजेपी आलाकमान और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ हुई इस गुप्त बैठक में शामिल होने वाले टीएमसी सांसदों के नामों का आधिकारिक तौर पर खुलासा हो चुका है। बागी रुख अपनाने वाले इन नेताओं में पार्टी के कई पुराने और बेहद कद्दावर चेहरे शामिल हैं। बैठक में हिस्सा लेने वाले प्रमुख नामों में शताब्दी रॉय, जगदीश मालिया और कालीपदा सोरेन का नाम मुख्य रूप से सामने आ रहा है। विद्रोह की इस लहर में शामिल अन्य लोकसभा सांसदों की पूरी सूची इस प्रकार है: काकली घोष दस्तीदार (बारासात) प्रसून बनर्जी (हावड़ा) शताब्दी रॉय (बीरभूम) असीत माल (बोलपुर) बापी हलदार (मथुरापुर) जून मालिया (मेदिनीपुर) जगदीश बसुनिया (कूचबिहार) कालीपदा सोरेन (झाड़ग्राम) अरूप चक्रवर्ती (बांकुड़ा) पार्थ भौमिक (बैरकपुर) शर्मिला सरकार (बर्धमान पूर्व) यह सूची साफ दर्शाती है कि ममता बनर्जी के संसदीय दल में एक बहुत बड़ी सेंध लग चुकी है और पार्टी के भीतर का यह असंतोष अब पूरी तरह से संस्थागत विद्रोह का रूप ले चुका है। सुखेंदु शेखर रॉय का राज्यसभा से इस्तीफा, बागी गुट को मिला बड़ा नेतृत्व इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बीच तृणमूल कांग्रेस को सबसे बड़ा और करारा झटका तब लगा, जब पार्टी के सबसे वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में से एक सुखेंदु शेखर रॉय ने आज ही टीएमसी और राज्यसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु शेखर रॉय का इस्तीफा देना ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा व्यक्तिगत और राजनैतिक आघात माना जा रहा है। इस्तीफे के तुरंत बाद सुखेंदु शेखर रॉय भी दिल्ली में आयोजित बागी सांसदों की इस अहम बैठक में शामिल होने पहुंचे। इस बैठक में मुख्य रूप से डॉ. शर्मिला सरकार और अरूप चक्रवर्ती समेत कुल पांच वर्तमान सांसद प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे, जिन्हें सुखेंदु शेखर रॉय का पूरा समर्थन और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। ममता बनर्जी को लिखे पत्र में भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न का लगाया गंभीर आरोप सुखेंदु शेखर रॉय ने तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी को भेजे अपने आधिकारिक त्यागपत्र में पार्टी की कार्यप्रणाली पर बेहद तीखे और गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने अब पूरी तरह से पार्टी के व्यापक और संस्थागत भ्रष्टाचार को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने राज्य में महिलाओं पर हुए घोर उत्पीड़न, कानून व्यवस्था की विफलता और प्रशासनिक नाकामी को इस पतन का मुख्य कारण बताया। सुखेंदु ने अपने पत्र में तीखा हमला बोलते हुए आगे कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग, रोजगार और सुरक्षा सहित जीवन के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में टीएमसी शासन के दौरान गंभीर अराजकता व्याप्त थी, जिसे राज्य की जनता ने चुनाव में पूरी तरह नकार दिया है। बीजेपी सरकार के विकास कार्यों की जमकर तारीफ अपने त्यागपत्र के अंतिम हिस्से में सुखेंदु शेखर रॉय ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और कार्यशैली की जमकर सराहना की। उन्होंने लिखा कि पश्चिम बंगाल के राजनैतिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब मतदाताओं ने राष्ट्रवाद और विकास को चुनते हुए भारतीय जनता पार्टी को सीटों के मामले में इतनी प्रचंड और ऐतिहासिक जीत दिलाई है। सुखेंदु ने राज्य की नवनिर्वाचित बीजेपी सरकार पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि नई सरकार ने सत्ता में आते ही अपने चुनावी घोषणापत्र के वादों के अनुरूप काम करना शुरू कर दिया है। बंगाल के समग्र विकास, आर्थिक पुनरुद्धार और ढांचागत पुनर्निर्माण के लिए कई जनहितैषी कार्यक्रमों को लागू किया जा रहा है, जो राज्य को एक नई और सही दिशा में ले जाएगा। Read More : Main Wapas Aaunga Release Date : इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ 12 जून को होगी रिलीज, अटारी बॉर्डर पहुंचे एआर रहमान















