West Bengal Politic
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले में शनिवार की रात उस समय राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई, जब विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर चंद्रकोना रोड के पास हमला किया गया। जानकारी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी पुरुलिया में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की एक विशाल जनसभा को संबोधित करने के बाद वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात उपद्रवियों ने उनके वाहन को निशाना बनाया, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया। इस घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता मौके पर जमा हो गए। शुभेंदु अधिकारी ने इस हमले के पीछे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का हाथ होने का दावा किया है।
शुभेंदु अधिकारी ने घटना का ब्यौरा देते हुए आरोप लगाया कि लगभग 12 से 15 लोगों के एक समूह ने उनके वाहन पर हमला किया। उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि हमलावरों के पास पेट्रोल और डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ थे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह हमला सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। शुभेंदु ने सीधे तौर पर स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब कुछ कानून के रखवालों की मिलीभगत से हुआ। उनके अनुसार, जिस समय “टीएमसी के गुंडे” उनकी कार पर पत्थरबाजी और हमला कर रहे थे, उस समय पुलिस मूक दर्शक बनी खड़ी रही और कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना के तुरंत बाद शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जनता और केंद्र सरकार को स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “आज रात लगभग 8:20 बजे, ममता बनर्जी सरकार की हिंसा की संस्कृति से प्रेरित कायरों ने मुझ पर हमला किया।” उन्होंने इसे केवल अपने ऊपर हमला न मानकर पश्चिम बंगाल में विपक्ष की हर उस आवाज पर हमला बताया जो सरकार के खिलाफ बोलती है। अधिकारी ने तर्क दिया कि टीएमसी जनता के बढ़ते आक्रोश को भांप चुकी है और अपनी हताशा मिटाने के लिए अब वह गुंडागर्दी और शारीरिक हमलों का सहारा ले रही है।
हमले से विचलित हुए बिना, शुभेंदु अधिकारी सीधे चंद्रकोना पुलिस स्टेशन पहुँचे और वहीं धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे। पुलिस थाने के भीतर से उन्होंने संदेश दिया कि “बंगाल की जनता इस अराजक तानाशाही से बेहतर की हकदार है” और वे जवाबदेही तय होने तक पीछे नहीं हटेंगे। उनके साथ मौजूद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
शनिवार (10 जनवरी 2026) को पुरुलिया में आयोजित बीजेपी की सभा में भारी भीड़ उमड़ी थी। जब अधिकारी का काफिला चंद्रकोना रोड से गुजरा, तो सड़क के एक ओर बीजेपी समर्थक झंडे लेकर खड़े थे, जबकि दूसरी ओर तृणमूल के झंडे लिए कुछ लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक दूसरी ओर से नारेबाजी शुरू हुई और देखते ही देखते काफिले पर हमला कर दिया गया। स्थिति को बिगड़ता देख अधिकारी की सुरक्षा में तैनात केंद्रीय बलों (Central Forces) के जवानों ने तुरंत घेरा बनाकर उनकी कार को सुरक्षित बाहर निकाला।
शुभेंदु अधिकारी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि पश्चिम मेदिनीपुर जैसे जिले में उन पर हमला होगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इस जिले के लोग, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल के हों, उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मान देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर जाने से पहले इस तरह के हथकंडे अपना रही है। फिलहाल, चंद्रकोना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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