Wheat yield tips
Wheat yield increase tips: रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब समय है फसल की सही देखभाल और उसकी ग्रोथ (बढ़त) पर ध्यान देने का। गेहूं की खेती में सबसे महत्वपूर्ण चरण ‘फुटाव’ (Tillering) का होता है। जिस किसान की फसल में फुटाव जितना अधिक होगा, उसकी पैदावार उतनी ही बंपर होगी। अक्सर देखा जाता है कि एक ही क्षेत्र के दो किसानों की पैदावार अलग-अलग होती है; इसका मुख्य कारण सही समय पर पोषक तत्वों और दवाओं का प्रबंधन न होना है। आइए जानते हैं कि किसान अपनी गेहूं की फसल में कल्ले (फुटाव) बढ़ाने के लिए किन दवाओं और खाद का छिड़काव करें।
गेहूं की फसल में फुटाव की प्रक्रिया को तेज करने के लिए जिंक और नाइट्रोजन का तालमेल सबसे प्रभावी माना जाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसानों को प्रति एकड़ 500 ग्राम जिंक सल्फेट (21 प्रतिशत) और 2.5 किलो यूरिया को 100 लीटर पानी में मिलाकर घोल तैयार करना चाहिए। इस घोल का फसल पर छिड़काव करने से पौधों में हरियाली आती है और नए कल्लों का विकास तेजी से होता है। बेहतर परिणाम के लिए इस स्प्रे को एक महीने के अंतराल पर दोबारा दोहराएं। इससे न केवल दानों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि उनकी गुणवत्ता और चमक भी शानदार होगी।
कई बार किसान खेत में खाद तो डालते हैं, लेकिन पौधों का फुटाव नहीं बढ़ पाता। इसका एक बड़ा कारण मिट्टी में कैल्शियम की कमी होना है। कैल्शियम की कमी के कारण पौधे की जड़ें जमीन से अन्य पोषक तत्वों को सोख नहीं पातीं। इस समस्या को दूर करने के लिए किसान प्रति एकड़ 10 किलो कैल्शियम नाइट्रेट का प्रयोग कर सकते हैं। यह पौधों की कोशिकाओं को मजबूत बनाता है और जड़ों के विस्तार में मदद करता है, जिससे पौधा अधिक शाखाएं (फुटाव) निकालने में सक्षम हो जाता है।
अगर आपकी फसल पीली पड़ रही है या उसका फुटाव रुक गया है, तो ‘माइक्रो न्यूट्रिएंट्स’ का स्प्रे एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए एक खास मिश्रण तैयार किया जा सकता है: इसमें 100 ग्राम चिलेटेड जिंक, 1 किलो मैग्नीशियम सल्फेट, 500 ग्राम मैंगनीज सल्फेट और 1 किलो यूरिया को 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ स्प्रे करें। यह सूक्ष्म पोषक तत्वों का कॉम्बिनेशन पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया को तेज करता है, जिससे फसल लहलहा उठती है।
दवाओं के अलावा कुछ छोटी-छोटी सावधानियां भी उत्पादन में बड़ा अंतर पैदा कर सकती हैं। किसान भाई फुटाव बढ़ाने के लिए 1 से 2 साल पुराने जिंक सल्फेट का प्रयोग भी कर सकते हैं, जो अक्सर अधिक प्रभावी परिणाम देता है। इसके अलावा, जब फसल में फुटाव शुरू हो, तब खेत में नमी बनाए रखना अनिवार्य है; इसलिए समय पर हल्की सिंचाई जरूर करें। उचित नमी और सही खाद का मिश्रण ही गेहूं के कल्लों को बढ़ाने की प्राथमिक शर्त है।
गेहूं की खेती में लागत कम और मुनाफा अधिक तभी संभव है जब किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाएं। सही समय पर सही पोषक तत्व देने से न केवल प्रति पौधा कल्लों की संख्या 15 से 20 तक पहुंच सकती है, बल्कि दानों का वजन भी बढ़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन उपायों को अपनाकर किसान अपनी आय में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं।
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