Wimbledon 2026: विंबलडन 2026 में नोवाक जोकोविच ने इतिहास रचते हुए अपने करियर के 55वें ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे लंबे क्वार्टर-फ़ाइनल मुकाबले में फेलिक्स ऑगर-एलियासिम को 5 घंटे 15 मिनट तक चले मैराथन संघर्ष में 7-6(10), 3-6, 6-3, 6-7(4), 7-6(10-4) से पराजित किया। इस जीत के साथ ही जोकोविच ने 15वीं बार विंबलडन के अंतिम चार में प्रवेश कर लिया है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। यह उनके करियर का विंबलडन में लगातार आठवां सेमीफाइनल है, जो उनकी निरंतरता और खेल के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाता है।

39 की उम्र में जोकोविच का ‘गोल्डन एरा’
39 साल और 51 दिन की उम्र में जोकोविच ने टेनिस जगत को हैरान कर दिया है। वह ‘ओपन एरा’ में विंबलडन सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले केवल ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज केन रोज़वाल ने 1974 में 39 साल 246 दिन की आयु में यह उपलब्धि हासिल की थी। 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता जोकोविच ने साबित कर दिया है कि उम्र महज एक आंकड़ा है। उन्होंने विंबलडन में अपनी कुल जीत का आंकड़ा 107 तक पहुंचा दिया है। इससे पहले चौथे दौर में रोमन सफ़ियुलिन को हराकर उन्होंने रोजर फ़ेडरर के 105 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था।

चोट और संघर्ष से भरी जीत की कहानी
क्वार्टर-फ़ाइनल के दौरान जोकोविच का रास्ता आसान नहीं था। उन्हें पिंडली (calf) में चोट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें मेडिकल टाइम-आउट लेना पड़ा। मैच के दौरान वे लगातार अपने प्लेयर बॉक्स से संपर्क में रहे। यह जीत उनके लिए मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से कठिन थी, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ समय में उन्हें बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। पेरिस में ब्राज़ील के युवा खिलाड़ी जोआओ फोंसेका के खिलाफ दो सेट की बढ़त गंवाने के बाद मिली हार का डर उन पर हावी था, लेकिन इस बार उनके अनुभव और अटूट इच्छाशक्ति ने उन्हें जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

सिनर के खिलाफ बदला लेने का मौका
अब सेमीफाइनल में जोकोविच का मुकाबला यानिक सिनर से होगा। यह मुकाबला पिछले साल के सेमीफाइनल की यादें ताजा कर देता है, जहां सिनर ने सीधे सेटों में जोकोविच को हराकर उनके 25वें मेजर खिताब के सपने को तोड़ दिया था और बाद में ट्रॉफी भी अपने नाम की थी। शुक्रवार को होने वाला यह मुकाबला न केवल एक सेमीफाइनल है, बल्कि जोकोविच के लिए उस पुरानी हार का बदला लेने का एक बड़ा अवसर भी है।
टॉप-10 का तिलिस्म टूटा
इस रोमांचक जीत ने जोकोविच के लिए एक और बाधा को दूर कर दिया है। इससे पहले वे विंबलडन में टॉप-10 खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार तीन मैच हार चुके थे। 2023 और 2024 के फाइनल में कार्लोस अल्काराज से मिली हार और पिछले साल सिनर के हाथों हुई शिकस्त के बाद, यह जीत उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देने वाली है। अब जोकोविच अपने आठवें विंबलडन खिताब और कुल 25वें ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी से मात्र दो जीत दूर हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब शुक्रवार के उस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं, जहां टेनिस के दो दिग्गज आमने-सामने होंगे।
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