Stock Market Today: अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के कारण आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। निवेशकों में व्याप्त अनिश्चितता का असर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर साफ नजर आया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 364 अंक की भारी गिरावट के साथ 77,816 के स्तर पर खुला, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स 139 अंक फिसलकर 24,259 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।

बाजार की इस सुस्ती के बीच आईटी सेक्टर के शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है, जहां इंफोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज टॉप गेनर्स के रूप में उभरे हैं। इसके विपरीत, ट्रेंट लिमिटेड (Trent Ltd) के शेयरों में 12 फीसदी से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, साथ ही अदानी एंटरप्राइजेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अदानी पोर्ट्स जैसे बड़े शेयरों पर भी बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है।

एशियाई बाजारों का बुरा हाल, हर तरफ लाल निशान
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा असर एशियाई शेयर बाजारों पर पड़ा है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है। लगभग सभी प्रमुख एशियाई सूचकांक गिरावट के साथ खुले हैं। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.72 प्रतिशत नीचे आ गया है। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,496 के स्तर पर है। इसके अलावा, टॉपिक्स और चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों के बीच जोखिम लेने की क्षमता कम हो गई है।

अमेरिकी बाजार पर तनाव की मार: वॉल स्ट्रीट हुआ लाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वॉल स्ट्रीट से भी बेहद नकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई हवाई कार्रवाई ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। इसका परिणाम अमेरिकी बाजार की क्लोजिंग में स्पष्ट देखा गया, जहां सेमीकंडक्टर दिग्गज कंपनियां माइक्रोन और एनवीडिया में भारी बिकवाली हुई। नैस्डैक कम्पोजिट 1.16 प्रतिशत गिरकर 25,818 के स्तर पर बंद हुआ। इसके अलावा, डाऊ जोन्स में 0.25 प्रतिशत और S&P 500 में 0.45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल में आग, 76 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
मिडिल ईस्ट की अस्थिरता का सबसे बड़ा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। बीते दो दिनों में तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है। आज ब्रेंट क्रूड 2.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 76.04 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा है, वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 2.31 प्रतिशत उछलकर 72.25 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। तेल की कीमतों में यह वृद्धि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई के नए जोखिम पैदा कर रही है। वहीं, डॉलर इंडेक्स (DXY) 100.89 के आसपास स्थिर बना हुआ है, जो वैश्विक अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित निवेश के रूप में डॉलर की मजबूती को दर्शाता है।
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