Delhi flood threat : भारी बारिश के बाद हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में यमुना नदी का जल प्रवाह रविवार को 1.78 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इस बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने इसे मध्यम स्तर की बाढ़ घोषित करते हुए बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए हैं।

दिल्ली में खतरे के निशान के करीब यमुना
दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, नदी का स्तर आज रात तक 206 मीटर तक पहुंचने की आशंका है। यह स्तर दिल्ली के 205.33 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है। रविवार शाम को पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 204.60 मीटर दर्ज किया गया, जो अलर्ट लेवल से अधिक है।

48 घंटे में दिल्ली पहुंचता है छोड़ा गया पानी
अधिकारियों ने बताया कि हथिनीकुंड और वजीराबाद बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। रविवार सुबह 8 बजे तक हथिनीकुंड से 58,282 क्यूसेक, वजीराबाद से 36,170 क्यूसेक और ओखला बैराज से 68,025 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। आमतौर पर इन बैराजों से छोड़ा गया पानी 48 से 50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है।
एडवाइजरी में देर रात खतरे की चेतावनी
सीडब्ल्यूसी ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि 17 अगस्त को छोड़े गए पानी और ऊपरी यमुना क्षेत्र में भारी बारिश को देखते हुए 19 अगस्त की देर रात करीब 2 बजे दिल्ली रेलवे पुल पर जलस्तर 206 मीटर को पार कर सकता है। सभी संबंधित एजेंसियों को राहत और बचाव के एहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
अब तक का सबसे अधिक जल प्रवाह
हरियाणा के सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने बताया कि इस सीजन में यह अब तक का सबसे अधिक जल प्रवाह है। रविवार सुबह 7 बजे तक यमुना का प्रवाह एक लाख क्यूसेक था, जिसे कम बाढ़ की श्रेणी में रखा गया। दोपहर 3 बजे तक यह बढ़कर 1.78 लाख क्यूसेक पहुंच गया और मध्यम बाढ़ घोषित कर दी गई।
बाढ़ की श्रेणियां और कैटेगरी
विशेषज्ञों के अनुसार, 70,000 से 1.5 लाख क्यूसेक जल प्रवाह को कम बाढ़, 1.5 लाख से 2.5 लाख क्यूसेक को मध्यम बाढ़ और 2.5 लाख क्यूसेक से अधिक को उच्च बाढ़ कहा जाता है। प्रत्येक क्यूसेक का मतलब है कि प्रति सेकंड 28.32 लीटर पानी का बहाव। इस स्तर को देखते हुए यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत के निचले इलाकों में पानी घुसने का खतरा बढ़ गया है।
दिल्ली और आसपास के लिए अलर्ट
दिल्ली बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कहा है कि हथिनीकुंड से छोड़ा गया पानी फिलहाल इस सीजन में सबसे ज्यादा है। वजीराबाद बैराज से हर घंटे औसतन 45,620 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि अगर जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच गया, तो निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
अन्य नदियों में भी उफान
यमुना के अलावा, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटी सोम नदी में भी उफान देखा गया है। यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों में जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश से स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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