Jammu Kashmir Snow Alert: उत्तर भारत के मौसम ने अचानक करवट ली है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार बर्फबारी हो रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं बिहार में लौटते मानसून और नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में राहत अभियान और वैष्णो देवी यात्रा फिर शुरू
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी बर्फबारी के बीच सेना ने साहसिक राहत अभियान चलाकर बकरवाल समुदाय के 25 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। ये सभी लोग अपने पालतू जानवरों के साथ ऊपरी इलाकों में फंसे हुए थे। सेना की तत्परता और त्वरित प्रतिक्रिया की स्थानीय लोगों ने सराहना की।

उधर, कटरा से वैष्णो देवी की यात्रा भी तीन दिन के बाद 8 अक्टूबर को फिर शुरू हो गई। खराब मौसम के कारण 5 से 7 अक्टूबर तक यात्रा स्थगित कर दी गई थी। यात्रा शुरू होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया और सुबह से ही सैकड़ों भक्त दर्शन के लिए रवाना हुए।
हिमाचल प्रदेश: बर्फबारी और लैंडस्लाइड से जनहानि
हिमाचल प्रदेश में लगातार तीसरे दिन मंगलवार को बर्फबारी हुई। लाहौल-स्पीति में तापमान गिरकर -0.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, बिलासपुर जिले में देर रात एक निजी बस पर लैंडस्लाइड होने से बड़ा हादसा हो गया। बस में लगभग 30 यात्री सवार थे, जिनमें से 15 लोगों की मौत हो गई। राहत और बचाव कार्य जारी है।
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के बीच बर्फबारी
उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल बद्रीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। हेमकुंड साहिब में 2 से 3 इंच तक बर्फ जमी है, वहीं केदारनाथ में तापमान 5 डिग्री तक गिर गया है। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में रोजाना करीब 5,000 श्रद्धालु इन तीर्थों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन मौसम की मार से यात्रा में दिक्कतें आ सकती हैं।
बिहार में बारिश और बाढ़ की दोहरी मार
बिहार में लौटते मानसून की बारिश और नेपाल में हो रही भारी वर्षा के कारण कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। सुपौल जिले में करीब 5,000 घरों में पानी भर गया है, वहीं मधुबनी में एक लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित है। राज्य के 5 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है। उत्तर भारत में मौसम का यह परिवर्तन जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। एक ओर पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और भूस्खलन से यात्रा और रहन-सहन प्रभावित हो रहा है, वहीं मैदानी इलाकों में बाढ़ ने बड़ी आबादी को संकट में डाल दिया है। प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी हैं, लेकिन आम जनता से सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है।











