72nd National Film Awards : शनिवार की शाम भारतीय फिल्म उद्योग के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण रही, जब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की बहुप्रतीक्षित सूची जारी की। भारतीय सिनेमा की कला, संस्कृति और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने वाले इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों का इस वर्ष का आयोजन विशेष रहा। जूरी पैनल का नेतृत्व प्रसिद्ध फिल्म निर्माता जयराज ने किया, जिनके साथ 11 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने गहन विचार-विमर्श के बाद विनर्स का चयन किया। इस बार विजेताओं के नाम की घोषणा में लगभग दो सप्ताह की देरी हुई, क्योंकि जूरी जूरी मेंबर्स पूरी निष्ठा के साथ एक सटीक और योग्य सूची तैयार करने में जुटे थे। ये पुरस्कार उन फिल्मों को समर्पित हैं, जिन्हें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

अभिनय का लोहा: बेस्ट एक्टर और एक्ट्रेस के नाम
इस वर्ष के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अभिनय की श्रेणी में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। बेस्ट एक्टर का प्रतिष्ठित पुरस्कार संयुक्त रूप से दिग्गज अभिनेता मामूटी और युवा प्रतिभा कार्तिक आर्यन को प्रदान किया गया। वहीं, बेस्ट एक्ट्रेस के सम्मान के लिए यामी गौतम के नाम की मुहर लगी, जिन्होंने अपने शानदार अभिनय से जूरी को प्रभावित किया। इन कलाकारों की सफलता भारतीय सिनेमा की विविधता और प्रतिभावान अभिनेताओं की निरंतरता को दर्शाती है।

फीचर फिल्मों का दबदबा: ‘श्रीकांत’ बनी सर्वश्रेष्ठ फिल्म
फीचर फिल्म श्रेणी में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का खिताब ‘श्रीकांत’ के नाम रहा। इस फिल्म ने अपनी कहानी कहने के अनूठे अंदाज और सामाजिक सरोकारों के कारण जूरी का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा, स्क्रिप्टिंग की श्रेणी में भी उत्कृष्ट कार्य देखने को मिला। फीचर फिल्म में बेस्ट स्क्रिप्ट के लिए फराज अली को सम्मानित किया गया, जिन्हें यह पुरस्कार उनकी हिंदी-कश्मीरी शॉर्ट फिल्म ‘ओबूर’ के लिए मिला है। ये पुरस्कार साबित करते हैं कि भारतीय सिनेमा की कहानी कहने की कला दिन-ब-दिन और अधिक सशक्त होती जा रही है।
नॉन-फीचर फिल्मों की जादुई दुनिया: डॉक्यूमेंट्री और एनिमेशन का जादू
नॉन-फीचर श्रेणी में इस वर्ष कई प्रेरक और कलात्मक फिल्मों को सराहा गया। ‘राम-नामी’ (हिंदी) ने बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का पुरस्कार जीतकर अपनी धाक जमाई। सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली फिल्मों में ‘पिपलांतरी- ए टेल ऑफ इको फेमिनिज्म’ (हिंदी, राजस्थानी और इंग्लिश) को बेस्ट नॉन-फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला। वहीं, बेस्ट एनिमेशन फिल्म का खिताब ‘टच्ड एज वाटर’ (साइलेंट) के नाम रहा। इन फिल्मों ने दर्शकों और आलोचकों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
निर्देशन और तकनीकी श्रेणियों में दिग्गजों का सम्मान
फिल्म निर्माण के तकनीकी पहलुओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को भी सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध निर्देशक आनंद एल राय को उनकी फिल्म ‘स्टेचू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक’ (हिंदी) के लिए बेस्ट डायरेक्शन का पुरस्कार मिला। तकनीकी दक्षता की बात करें तो बेस्ट साउंड डिजाइन का पुरस्कार ‘ब्लू’ (तमिल) के लिए टीएस हरीहर सुधन को, और बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का पुरस्कार ‘लाइफ इन लूम’ के लिए एंडमंड रैनसम को दिया गया। मानवीर जसरोतिया ने ‘एनडीए’ (हिंदी) के लिए बेस्ट एडिटिंग का खिताब अपने नाम किया, जबकि बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन के लिए शिवपाल सिंह कांग को उनकी मराठी फिल्म ‘ऑन द ट्रेल 41 डिग्री’ के लिए सम्मानित किया गया।
सिनेमा लेखन और विशेष जूरी पुरस्कार
सिनेमा की आलोचना और लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए बेस्ट फिल्म क्रिटिक का अवॉर्ड संजीव श्रीवास्तव को दिया गया। इसके साथ ही, कई फिल्मों को उनके विशिष्ट विषयों और शिल्प के लिए विशेष उल्लेख (Special Jury Mention) से सम्मानित किया गया। इनमें ‘चोला दोरा और सुई’, ‘भद्रा काली नाटकम’ और ‘हमसफर’ (मराठी शॉर्ट फिल्म) जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा, ‘लिटिल प्लैनेट-ए टेल ऑफ फ्रॉग्स’ के लिए सौंदर्य चयचंद्रन को बेस्ट नैरेटर/वॉइस ओवर का पुरस्कार प्रदान किया गया।
भविष्य की ओर भारतीय सिनेमा की एक नई उड़ान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की यह सूची भारतीय सिनेमा के बदलते स्वरूप और उभरती प्रतिभाओं का प्रमाण है। दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित इस समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय दर्शक और जूरी सदस्य उन कहानियों का समर्थन करते हैं जो समाज को जोड़ने, प्रकृति को संरक्षित करने और मानवीय संवेदनाओं को उजागर करने का काम करती हैं। पुरस्कार जीतने वाले सभी विजेताओं को सिने प्रेमियों की ओर से ढेरों शुभकामनाएं। यह आयोजन आने वाले समय में नई पीढ़ी के फिल्मकारों को बेहतर और सार्थक सिनेमा बनाने के लिए प्रेरित करेगा।
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