TS Singhdeo Durg Visit: दुर्ग शहर के पूर्व विधायक अरुण वोरा की माताजी, शांति देवी वोरा के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव उनके निवास पहुंचे। सिंहदेव ने शांति देवी वोरा के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से भेंट की और उन्हें इस कठिन समय में धैर्य रखने के लिए ढांढस बंधाया। दिल्ली की अपनी यात्राओं को याद करते हुए सिंहदेव ने कहा कि उनका शांति देवी वोरा के साथ बहुत ही आत्मीय रिश्ता था। जब भी वे दिल्ली जाते थे, तो उनका आशीर्वाद लेना नहीं भूलते थे। उनके निधन को उन्होंने एक व्यक्तिगत क्षति बताते हुए उनके स्नेह और ममता की कमी को महसूस किया।

ऑनलाइन सट्टा और राजनीतिक आरोपों पर बीजेपी को घेरा
मीडिया से चर्चा के दौरान टी.एस. सिंहदेव ने बीजेपी सरकार और पार्टी पर तीखे राजनीतिक हमले किए। ऑनलाइन सट्टा मामले में बीजेपी द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले किसी भी व्यक्ति से सैकड़ों लोग मिलते हैं और फोटो खिंचवाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल किसी व्यक्ति के साथ फोटो होना या सामान्य मुलाकात करना ही किसी विशेष संबंध का प्रमाण नहीं हो सकता। सिंहदेव ने कहा कि बीजेपी बेवजह के मुद्दों को तूल देकर ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। वहीं, नक्सली कमांडर हिड़मा के समर्थन को लेकर मंत्री केदार कश्यप द्वारा कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों को भी उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कभी ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और किसी व्यक्ति विशेष के बयानों को पूरी पार्टी का रुख नहीं माना जाना चाहिए।

प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सरकारी उदासीनता पर उठाए सवाल
प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर सिंहदेव ने गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर चाकूबाजी, बलात्कार और अन्य हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि शासन का नियंत्रण कमजोर हो गया है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। सिंहदेव के अनुसार, राज्य सरकार को अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी और भयमुक्त वातावरण तैयार करने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे एक चिंताजनक स्थिति बताया।
स्वास्थ्य व्यवस्था के निजीकरण का किया पुरजोर विरोध
अंत में, सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं और सेक्टर-9 अस्पताल के संभावित निजीकरण के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपना पूरी तरह से गलत कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का प्राथमिक दायित्व नागरिकों को सस्ता और सुलभ उपचार प्रदान करना है। सिंहदेव ने ‘यूनिवर्सल हेल्थकेयर’ की वकालत करते हुए कहा कि सरकार को ऐसे प्रयासों पर ध्यान देना चाहिए जिससे आम जनता पर स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम हो सके। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के निजीकरण को जनता के हितों के खिलाफ बताते हुए इसके प्रति कड़ी आपत्ति जताई।
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