Saudi Arabia Houthi Attacks: : सऊदी अरब में लगातार हो रहे हमलों के बीच अमेरिकी प्रशासन ने अपने राजनयिक मिशन की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप प्रशासन ने सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। हालिया घटनाओं में एयरपोर्ट और तेल सुविधाओं को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इन हमलों के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताएं और गहरी हो गई हैं।
अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को जाने का निर्देश
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। रिपोर्ट में संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कतर और बहरीन में तैनात अमेरिकी कर्मचारियों के परिवारों को भी वहां से जाने का आदेश दिए जाने की बात कही गई। हालांकि, इन देशों में लागू निर्देशों का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने आदेश की पुष्टि की
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने सऊदी अरब में कर्मचारियों को हटाने के आदेश की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्देश उन अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों पर लागू होता है, जिनकी सऊदी अरब में तत्काल मौजूदगी आवश्यक नहीं है। पिगॉट ने सऊदी अरब के बाहर स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशनों में किसी बदलाव के बारे में टिप्पणी नहीं की। इस कदम को बढ़ते सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर एहतियाती कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
कर्मचारियों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
अमेरिकी प्रवक्ता ने कर्मचारियों को हटाने के फैसले के पीछे सऊदी अरब में आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए जा रहे हूती हमलों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि विदेश विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे फैसले आम तौर पर संभावित खतरों का आकलन करने के बाद लिए जाते हैं, ताकि जोखिम वाले क्षेत्रों में मौजूद गैर-जरूरी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ा तनाव
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज होने की खबरें हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने हूती बलों ने सऊदी अरब पर लगभग रोजाना हमले किए हैं। इनमें हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण नागरिक एवं ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की घटनाएं शामिल हैं। इन हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है और बड़े संघर्ष की आशंका को लेकर चिंताएं सामने आई हैं।
शायबाह तेल क्षेत्र में ड्रोन का मलबा गिरने से मौतें
बुधवार को सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि शायबाह तेल सुविधा की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को मार गिराया गया। हालांकि, ड्रोन का मलबा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। इस घटना ने महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में भी एक व्यक्ति की मौत और आठ लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी।
पश्चिम एशिया में बड़े संघर्ष की आशंका
सऊदी अरब में लगातार हो रही घटनाओं और अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने के फैसले से क्षेत्रीय तनाव पर अंतरराष्ट्रीय नजरें टिकी हैं। हालांकि, इन घटनाओं के व्यापक युद्ध में बदलने को लेकर अभी कोई निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आने वाले दिनों में सुरक्षा स्थिति, आधिकारिक बयानों और राजनयिक कदमों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
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