UP TGT Recruitment 2026 : उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक यानी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के पदों पर होने वाली आगामी भर्ती में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन पदों पर भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भर्ती की संशोधित शैक्षणिक अर्हता जारी कर दी है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आगामी भर्ती विज्ञापन में नए नियमों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभ्यर्थियों को टीईटी प्रमाणपत्र हासिल करने के लिए मिलेगी छूट
नई व्यवस्था में अभ्यर्थियों को राहत देते हुए एक निर्धारित समयसीमा भी तय की गई है। संशोधित अर्हता के अनुसार, आगामी टीजीटी भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने का वैध प्रमाणपत्र हासिल करने की छूट दी जाएगी। इसका मतलब है कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को तय समयसीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने की शर्त पूरी करनी होगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन से पहले आयोग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापन में पात्रता और समयसीमा से संबंधित निर्देश जरूर पढ़ें।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी की संशोधित शैक्षणिक अर्हता
माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कन्नौजिया की ओर से जारी संशोधित अर्हता में शैक्षणिक योग्यता के मानक भी स्पष्ट किए गए हैं। इसके मुताबिक, सहायक अध्यापक पद के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। इसके विकल्प के रूप में 45 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातकोत्तर की योग्यता का प्रावधान भी बताया गया है। इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम के तहत बीएड की योग्यता जरूरी होगी।
उच्च प्राथमिक स्तर की टीईटी होगी अनिवार्य
संशोधित नियमों के अनुसार, उत्तर प्रदेश या केंद्र सरकार की ओर से उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ तक के लिए आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। इस बदलाव का सीधा असर उन उम्मीदवारों पर पड़ेगा, जो अब तक टीजीटी भर्ती के लिए आवेदन करते समय केवल शैक्षणिक योग्यता और बीएड के आधार पर पात्रता की उम्मीद कर रहे थे। अब उन्हें टीईटी से संबंधित शर्त भी पूरी करनी होगी। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि टीईटी का वैध प्रमाणपत्र और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए।
पहली बार टीजीटी भर्ती में लागू होगी टीईटी की शर्त
शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के सचिव को पत्र भेजकर संशोधित अर्हता के अनुसार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनक्रम) यानी टीजीटी पदों की अर्हता में पहली बार टीईटी की अनिवार्यता लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसी वजह से आगामी भर्ती विज्ञापन में अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का वैध प्रमाणपत्र प्राप्त करने की छूट देने का निर्देश दिया गया है। अब भर्ती से जुड़ी आगे की प्रक्रिया आयोग के आधिकारिक विज्ञापन और निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।
चयन सूची में नाम आने से नियुक्ति की गारंटी नहीं
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भर्ती विज्ञापन में नियुक्ति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शर्त भी शामिल करने को कहा है। इसके तहत केवल चयन सूची में नाम आने या चयनित घोषित होने से किसी उम्मीदवार को नियुक्ति का स्वतः अधिकार नहीं मिलेगा। नियुक्ति पत्र तभी जारी किया जाएगा, जब अभ्यर्थी निर्धारित सभी अर्हताएं पूरी करेगा और उसके प्रमाणपत्रों तथा अन्य दस्तावेजों का सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा।
टीजीटी भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवार क्या करें?
टीजीटी भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अपनी स्नातक या स्नातकोत्तर योग्यता, बीएड प्रमाणपत्र और टीईटी की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए। जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है, उन्हें 30 जून 2027 की निर्धारित समयसीमा को ध्यान में रखते हुए तैयारी करनी चाहिए। हालांकि, आवेदन की तारीख, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य शर्तों की अंतिम जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक भर्ती विज्ञप्ति देखना जरूरी होगा। नए नियमों से आगामी टीजीटी भर्ती में पात्रता का दायरा बदल गया है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले सभी शर्तों को ध्यानपूर्वक समझना चाहिए।
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