UP Police : उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने अहम जानकारी दी है। उनके मुताबिक, प्रदेश पुलिस ने पिछले एक साल के दौरान साइबर अपराध से जुड़े मामलों में विभिन्न बैंकों में 635 करोड़ रुपये फ्रीज कराए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य साइबर ठगी के जरिए लोगों से हड़पी गई रकम को सुरक्षित रखना और पीड़ितों के आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद करना है। डीजीपी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस की कार्यप्रणाली और अपराध नियंत्रण से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।
अपराध नियंत्रण के लिए यूपी पुलिस ने तय कीं 10 प्राथमिकताएं
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाने की नीति के तहत पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए 10 प्राथमिकताएं तय की गई हैं। इनमें छोटे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, संगठित अपराध करने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई और माफिया नेटवर्क पर शिकंजा कसना शामिल है। पुलिस का जोर अपराध रोकने के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के नेटवर्क को कमजोर करने पर भी है। अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराध से लेकर संगठित अपराध तक विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों की रकम कराई गई फ्रीज
डीजीपी के मुताबिक, साइबर अपराध से जुड़े मामलों में बैंकों में 635 करोड़ रुपये फ्रीज कराए जाने से हजारों लोगों की धनराशि सुरक्षित रखने में मदद मिली। साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत और संबंधित बैंक खातों पर कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इससे संदिग्ध लेनदेन को रोकने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, फ्रीज की गई रकम और पीड़ितों को वास्तव में वापस लौटाई गई राशि अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए इस आंकड़े को धनवापसी की कुल रकम के रूप में नहीं समझना चाहिए। पीड़ितों को साइबर ठगी होने पर जल्द शिकायत दर्ज कराने और बैंक से संपर्क करने की सलाह दी जाती है।
सड़क सुरक्षा अभियानों से दुर्घटनाओं और मौतों में कमी का दावा
डीजीपी ने सड़क सुरक्षा के लिए चलाई जा रही पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ‘जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ पहल समेत विभिन्न उपायों के परिणामस्वरूप 2025 की पहली छमाही की तुलना में 2026 की पहली छमाही में सड़क दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत और मौतों में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। उनके अनुसार, इन प्रयासों से एक हजार से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद मिली। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित ड्राइविंग और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में प्रभावी प्रबंधन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी
नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई का विवरण देते हुए डीजीपी ने बताया कि 2026 में अब तक छह हजार से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवधि में 36 हजार किलोग्राम से ज्यादा मादक पदार्थ जब्त किए गए और 26 गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि तस्करी के नेटवर्क, अवैध कमाई और इस काम में इस्तेमाल होने वाले साधनों को भी निशाना बनाया जा रहा है। इन आंकड़ों की अवधि और विवरण को आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड से मिलाकर देखा जाना चाहिए।
पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि
हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर किए। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों के बलिदान को याद करने के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों की भूमिका को भी रेखांकित किया जाता है।
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