India Forex Reserves : भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.011 अरब डॉलर घट गया। यह लगातार छठा सप्ताह है, जब भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी दर्ज की गई है। लगातार गिरावट के चलते देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 721.016 अरब डॉलर रह गया है।
छह सप्ताह में 64.686 अरब डॉलर की भारी कमी
पिछले छह सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में कुल 64.686 अरब डॉलर की गिरावट आई है। इससे पहले 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भंडार 8.578 अरब डॉलर घटा था, जबकि 2 अक्टूबर को इसमें 12.952 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई थी। सितंबर की शुरुआत तक स्थिति अलग थी। 4 सितंबर 2026 को देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 785.706 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया।
किस सप्ताह कितनी गिरावट दर्ज की गई?
RBI के आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 4.924 अरब डॉलर घटा था। 18 सितंबर को 14.881 अरब डॉलर और 25 सितंबर को 18.343 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद 2 अक्टूबर को 12.952 अरब डॉलर, 9 अक्टूबर को 8.578 अरब डॉलर और 16 अक्टूबर को 5.011 अरब डॉलर की कमी हुई। हाल के सप्ताहों में गिरावट की मात्रा कम जरूर हुई है, लेकिन कुल भंडार पर दबाव बना हुआ है।
विदेशी मुद्रा आस्तियों में भी आई बड़ी कमी
विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) होता है। RBI के साप्ताहिक आंकड़ों में 9 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह के दौरान FCA में 5.758 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई थी। इसके बाद इसका मूल्य 591.847 अरब डॉलर बताया गया। FCA की गणना में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य मुद्राओं के मूल्य में होने वाले बदलावों का असर भी शामिल होता है। इसलिए इन मुद्राओं की विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव से भंडार के डॉलर मूल्य में बदलाव आ सकता है।
सोने के भंडार की वैल्यू में बढ़ोतरी
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट के बीच सोने के भंडार के मूल्य में राहत देखने को मिली। संबंधित सप्ताह के दौरान सोने के भंडार की वैल्यू 706 मिलियन डॉलर बढ़कर 105.800 अरब डॉलर हो गई। इससे पिछले सप्ताह इसमें 1.319 अरब डॉलर की कमी दर्ज हुई थी। मार्च 2026 के अंत में RBI के पास 880.52 टन सोना था। सोने की कीमतों में बदलाव से भी भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार के मूल्य पर असर पड़ता है।
SDR और IMF रिजर्व में भी बढ़ोतरी
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में सप्ताह के दौरान 30 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई। इससे कुल SDR भंडार 18.578 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे रिजर्व में 11 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई और यह 4.791 अरब डॉलर हो गया।
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट क्यों अहम है?
विदेशी मुद्रा भंडार देश की बाहरी भुगतान क्षमता और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें बदलाव विदेशी मुद्रा बाजार में RBI के हस्तक्षेप, विनिमय दरों और परिसंपत्तियों के मूल्यांकन सहित कई कारणों से हो सकता है। हालांकि, केवल भंडार में गिरावट से आर्थिक संकट का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। आगे के आंकड़े बताएंगे कि यह रुझान कब बदलता है।
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