Surajpur News : मिट्टी का मकान बनाने को लेकर हुए विवाद ने एक महिला की जान ले ली। पति ने पत्नी के काम करने से इनकार करने पर डंडे से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में करीब तीन साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पति को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मकान निर्माण को लेकर हुआ था विवाद
मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम केदारपुर का है। 14 अप्रैल 2023 की शाम बुधवार साय अपनी दूसरी पत्नी समुन्द्री बाई के साथ नए मिट्टी के मकान का निर्माण कर रहा था। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर बुधवार साय ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी।

बचाने के लिए चिल्लाती रही पत्नी
घटना के दौरान समुन्द्री बाई ने मदद के लिए चिल्लाया। पड़ोस में रहने वाले मंगल साय और उसका छोटा भाई मारपीट होते देख रहे थे, लेकिन डर के कारण मौके पर नहीं गए। कुछ देर बाद बुधवार साय ने खुद बताया कि उसने पत्नी को मिट्टी लमरने के लिए कहा था, लेकिन उसके मना करने पर डंडे से मारकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
घटना की जानकारी मिलने के बाद मंगल साय ने 15 अप्रैल 2023 को प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/2023 के तहत धारा 302 भारतीय दंड संहिता में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना में जुटाए गए पुख्ता साक्ष्य
मामले की विवेचना तत्कालीन प्रेमनगर थाना प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुंतल ने की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए और ग्राम केदारपुर निवासी बुधवार साय पिता सुखलाल धनुहार, उम्र 35 वर्ष को गिरफ्तार किया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।

तीन साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक न्यायालय सूरजपुर के न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरेश कुमार कौशिक ने पैरवी की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पत्नी की हत्या का दोषी पाया।
हत्या के दोषी पति को उम्रकैद
फास्ट ट्रैक न्यायालय ने 7 सितंबर 2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी बुधवार साय को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा 1,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत के इस फैसले के साथ पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को उसके अपराध की सजा मिल गई।

