CGPSC 2003 Scam : छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित CGPSC-2003 भर्ती घोटाला एक बार फिर चर्चा में है। करीब 23 साल बाद एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मामले की दोबारा जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसी अब इस प्रकरण में तत्कालीन पांच अधिकारियों की भूमिका को लेकर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

उत्तर पुस्तिकाओं में नंबर बढ़ाने के आरोप
इस पुराने भर्ती मामले में उत्तर पुस्तिकाओं में कथित तौर पर हेरफेर किए जाने और अभ्यर्थियों के अंकों को बढ़ाने के आरोप सामने आए थे। इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे थे। अब दोबारा जांच शुरू होने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच एजेंसी को पुराने रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों से कौन-कौन सी नई जानकारियां मिलती हैं।

पांच तत्कालीन अधिकारियों पर जांच का फोकस
एसीबी-ईओडब्ल्यू की दोबारा शुरू हुई जांच में तत्कालीन पांच अधिकारियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उत्तर पुस्तिकाओं से कथित छेड़छाड़ किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सकती है।
ED ने भी जांच में बढ़ाई सक्रियता
CGPSC भर्ती घोटाले से जुड़े मौजूदा घटनाक्रम में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की कार्रवाई भी तेज हुई है। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की जांच के सिलसिले में करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था। इन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। पूछताछ के दायरे में जमानत पर चल रहे कुछ आरोपी भी शामिल बताए गए हैं।
पूर्व परीक्षा नियंत्रक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम 1 सितंबर को सामने आया, जब तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई। इसके बाद भर्ती घोटाले की जांच को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई। अब एसीबी-ईओडब्ल्यू और ED की अलग-अलग कार्रवाई के चलते मामले से जुड़े पुराने और नए पहलुओं पर निगाह बनी हुई है।

क्या है CGPSC भर्ती परीक्षा 2021 मामला
CGPSC भर्ती परीक्षा 2021 के तहत कुल 171 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका प्रारंभिक यानी प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को हुआ था। परीक्षा में कुल 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद चयन प्रक्रिया का अगला चरण मुख्य परीक्षा था, जिसे मई 2022 में आयोजित किया गया।
मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी हुए सफल
प्रारंभिक परीक्षा के करीब तीन महीने बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। इसमें कुल 509 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए। इसके बाद चयन प्रक्रिया इंटरव्यू तक पहुंची। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई, जिसमें 170 उम्मीदवारों के नाम शामिल थे।
चयन प्रक्रिया को लेकर उठे थे सवाल
CGPSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर समय-समय पर कई तरह के सवाल उठते रहे हैं। आरोपों में परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितता, उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर और चयन को प्रभावित करने जैसी बातें शामिल रही हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब दोबारा जांच से पुराने आरोपों और तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
दोबारा जांच से सामने आ सकते हैं नए तथ्य
करीब दो दशक से ज्यादा पुराने इस मामले में जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने दस्तावेजों और साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल करना है। एसीबी-ईओडब्ल्यू की जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि पांच तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं या नहीं। वहीं ED की पूछताछ से कथित कैश सिंडिकेट से जुड़े पहलुओं पर भी नई जानकारी सामने आने की संभावना है।
CGPSC मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर
पुराने भर्ती घोटाले की दोबारा जांच शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ में इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा बढ़ गई है। अब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है। यदि जांच में कथित अनियमितताओं के नए प्रमाण सामने आते हैं, तो मामले में आगे और लोगों की भूमिका की जांच हो सकती है। फिलहाल चार्जशीट और जांच से जुड़े आधिकारिक कदमों का इंतजार है।
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