MP Politics: मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे को लेकर तंज कसा है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी जब भी किसी क्षेत्र का दौरा करते हैं, उसका राजनीतिक लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिलता है। विजयवर्गीय ने व्यंग्य करते हुए राहुल गांधी को भाजपा का अप्रत्यक्ष ‘स्टार प्रचारक’ तक बता दिया।
‘हम तो राहुल गांधी का स्वागत करेंगे’
राहुल गांधी के दौरे को लेकर सवाल पूछे जाने पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि वह जहां भी जाते हैं, वहां भाजपा को फायदा पहुंचता है। उन्होंने इसी अंदाज में कहा कि भाजपा की ओर से राहुल गांधी का स्वागत किया जाएगा। विजयवर्गीय की इस टिप्पणी को कांग्रेस और राहुल गांधी पर भाजपा की ओर से किए जा रहे राजनीतिक हमलों की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस को अनुमति नहीं मिलने पर भी बोले मंत्री
कांग्रेस के किसी कार्यक्रम या दौरे को अनुमति नहीं मिलने से जुड़े सवाल पर विजयवर्गीय ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि जिस स्थान पर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जाना चाहते थे, वहां अदालत की ओर से रोक लगाई गई थी। मंत्री के अनुसार, संबंधित स्थान खेल का मैदान था और वहां मौजूद खिलाड़ियों को कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर आपत्ति थी।
हाईकोर्ट के आदेश का दिया हवाला
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि खिलाड़ियों की आपत्ति के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और हाईकोर्ट के आदेश के चलते वहां कांग्रेस को जाने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने इसे प्रशासनिक निर्णय के बजाय न्यायालय के निर्देश से जुड़ा मामला बताया। इस मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम इंदौर में 19 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है। पहले इस कार्यक्रम को 12 सितंबर को आयोजित करने की तैयारी थी, लेकिन नेहरू स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद इसकी तारीख आगे बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी गई। कांग्रेस ने 8 सितंबर तक कार्यक्रम के लिए एक लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन होने का दावा किया है। हालांकि, आयोजन स्थल को लेकर अनुमति की स्थिति को लेकर पहले असमंजस बना हुआ था।
कोटा से शुरू हुआ था अभियान
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत 17 जून 2026 को राजस्थान के कोटा से हुई थी। अभियान का उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों और उनकी समस्याओं को राजनीतिक मंच पर उठाना बताया जा रहा है। कोटा के बाद अभियान को अलग-अलग राज्यों और शहरों तक ले जाया गया।
देहरादून और प्रयागराज में भी कार्यक्रम
अभियान के दूसरे चरण के तहत 17 जुलाई 2026 को उत्तराखंड के देहरादून में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद 8 अगस्त को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इन आयोजनों के जरिए कांग्रेस ने युवा और छात्र वर्ग के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश की।
पुणे में छात्राओं के मुद्दों पर फोकस
22 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां कार्यक्रम का विशेष फोकस छात्राओं से जुड़े मुद्दों पर रहा। कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से शिक्षा, युवाओं के अवसर और छात्रों से जुड़े विभिन्न विषयों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाने का प्रयास कर रही है।
इंदौर होगा अभियान का पांचवां प्रमुख पड़ाव
इंदौर में 19 सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम अभियान का पांचवां प्रमुख पड़ाव माना जा रहा है। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम हो चुके हैं। इसके अलावा नागपुर को भी अभियान के अगले पड़ाव के रूप में बताया जा रहा है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां कार्यक्रम की निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है।
इंदौर दौरे से पहले सियासत तेज
राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले कैलाश विजयवर्गीय के बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर कांग्रेस कार्यक्रम की तैयारियों और छात्रों की भागीदारी पर जोर दे रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी के दौरे को लेकर राजनीतिक निशाना साध रही है। अब 19 सितंबर के कार्यक्रम पर दोनों दलों की नजर रहेगी।
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