INDIA Alliance Rally Delhi : दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को कांग्रेस और INDIA गठबंधन की प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस रैली में चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने की तैयारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाते रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने विपक्ष की रैली को समर्थन देने की घोषणा की है।

अभिजीत दीपके ने X पर किया समर्थन का ऐलान
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया मंच X पर अपने बयान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के कारण चुनाव आयोग के प्रति निष्पक्षता और स्वतंत्रता को लेकर भरोसा प्रभावित हुआ है। दीपके के मुताबिक, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस मुद्दे पर जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी उन संगठनों का समर्थन करेगी, जो देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

वोट देने के अधिकार की रक्षा पर दिया जोर
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी प्रत्येक योग्य नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना है। उनके अनुसार, किसी भी ऐसी प्रक्रिया से बचना चाहिए, जिससे पात्र मतदाताओं को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने में परेशानी हो। CJP ने इसी आधार पर विपक्ष के आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। हालांकि, SIR को लेकर लगाए गए आरोप राजनीतिक दावों का हिस्सा हैं और उनकी पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक तथ्यों तथा चुनाव आयोग के पक्ष को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
दिल्ली पुलिस ने कई शर्तों के साथ दी रैली की अनुमति
प्रस्तावित रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने कई शर्तों के साथ अनुमति दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आयोजकों को इन निर्देशों का पालन करना होगा। रैली के दौरान रामलीला मैदान के बाहर भीड़ जमा नहीं होने देने, कार्यक्रम शाम पांच बजे तक समाप्त करने और रात में किसी व्यक्ति को मैदान में नहीं रुकने देने जैसी शर्तें बताई गई हैं। इनका उद्देश्य कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक आवागमन को व्यवस्थित रखना है।
CCTV कैमरे और कंट्रोल रूम की भी व्यवस्था
रैली के लिए सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मैदान में हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाने और पांच स्क्रीन वाला कंट्रोल रूम तैयार करने की शर्त भी बताई गई है। इसके अलावा मंच से भड़काऊ बयान नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोजन से जुड़े लोगों को पुलिस के सभी निर्देशों का पालन करना होगा। इन शर्तों के बीच आयोजकों के सामने बड़ी संख्या में लोगों की व्यवस्था करने और कार्यक्रम को निर्धारित समय में पूरा करने की चुनौती रहेगी।

विपक्षी सांसदों की दिल्ली में बैठक की तैयारी
रैली से पहले विपक्षी सांसदों को 30 अक्टूबर को दोपहर एक बजे तक दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया है। खबर के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने की योजना है। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग जैसी कार्रवाई का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई है। यह कार्यक्रम विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाने और अपने राजनीतिक विरोध को संगठित रूप देने की रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
रैली से पहले राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
CJP के समर्थन की घोषणा से 1 नवंबर की रैली को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में हैं, जबकि दिल्ली पुलिस की शर्तों के अनुसार आयोजन कराना आयोजकों की जिम्मेदारी होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रैली में विपक्षी दल किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं और चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर आगे क्या राजनीतिक तथा कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
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