CG DA Hike : छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार से महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने और इसका भुगतान एरियर सहित करने की मांग की है। इस संबंध में फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी को पत्र लिखकर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया है। फेडरेशन ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी है।

कर्मचारियों का DA 58 से बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने की मांग
छत्तीसगढ़ राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा के अनुसार, राज्य के कर्मचारियों को वर्तमान में 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। फेडरेशन का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का DA 63 प्रतिशत हो गया है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारी भी राज्य में महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते का अंतर समाप्त किया जाना चाहिए।

दिवाली से पहले एरियर सहित भुगतान की मांग
फेडरेशन ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली से पहले लंबित 5 प्रतिशत महंगाई भत्ते की मंजूरी दी जाए। संगठन की मांग है कि बढ़े हुए DA का भुगतान एरियर सहित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को पिछली अवधि का बकाया भी मिल सके। फेडरेशन का कहना है कि त्योहार के दौरान घरेलू खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी से कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत मिल सकती है।
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बीजेपी के घोषणा पत्र में किए गए वादे का हवाला
मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में फेडरेशन ने भारतीय जनता पार्टी के घोषणा पत्र का उल्लेख किया है। संगठन के मुताबिक, भाजपा ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता एरियर सहित देने का वादा किया था। फेडरेशन ने सरकार से इस वादे के अनुरूप निर्णय लेने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की मांग केवल महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी तक सीमित नहीं है, बल्कि बकाया राशि का भुगतान भी इसमें महत्वपूर्ण है।

बढ़ती महंगाई से कर्मचारियों और पेंशनरों की परेशानी
फेडरेशन ने पत्र में कहा है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण कर्मचारियों और पेंशनरों को परिवार की जरूरतें पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं और घरेलू जरूरतों पर होने वाला खर्च उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है। ऐसे में संगठन ने सरकार से दिवाली से पहले लंबित DA जारी करने के लिए आवश्यक आदेश पारित करने की मांग की है।
फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन की तैयारी
फेडरेशन के अनुसार, 6 सितंबर को आयोजित प्रांतीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि दिवाली से पहले महंगाई भत्ते और एरियर के भुगतान के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा। इसी निर्णय के तहत मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र भेजा गया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन आंदोलन का रास्ता अपना सकता है। अब कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है।

