PM Modi Ekta Nagar Visit : गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। शनिवार को प्रधानमंत्री ने 400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य एकता नगर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास को बढ़ावा देना है। परियोजनाओं में सीवेज और जल शोधन संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, फसाड लाइटिंग, IRCTC होटल और विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास शामिल है। इस अवसर पर एकता नगर के विकास को नई गति देने पर विशेष जोर दिया गया।

नर्मदा घाट से लेकर IRCTC होटल तक, पर्यटन सुविधाओं का होगा विस्तार
प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित की गई परियोजनाओं में कई महत्वपूर्ण पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं। इनमें रेनफॉरेस्ट, यूनिटी और इको ट्रेल का विकास प्रमुख है। इसके अलावा नर्मदा घाट के उन्नयन और फसाड लाइटिंग के माध्यम से एकता नगर की सुंदरता और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने की योजना है। सीवेज और जल शोधन संयंत्रों के जरिए क्षेत्र में स्वच्छता और जल प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। IRCTC होटल परियोजना से यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर ठहरने की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इन विकास कार्यों से एकता नगर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

गोरा-भद्रा सड़क और जीरो वेस्ट परियोजना की रखी आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें गोरा-भद्रा सड़क विकास परियोजना, एकीकृत जीरो वेस्ट स्मार्ट ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना और खलवानी इको टूरिज्म विकास योजना शामिल हैं। इसके साथ ही कैक्टस और बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास की भी शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर करने, कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करने और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। खास तौर पर जीरो वेस्ट परियोजना को स्वच्छता और टिकाऊ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पीएम मोदी ने सरदार पटेल को अर्पित की श्रद्धांजलि
विकास परियोजनाओं के कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। गुजरात के एकता नगर में स्थित यह विशाल प्रतिमा देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल को समर्पित है। 31 अक्टूबर को उनकी जयंती के अवसर पर पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकीकरण और देश की अखंडता के लिए किए गए योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पटेल ने मजबूत, समृद्ध और सक्षम भारत के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान बताया प्रेरणास्रोत
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का त्याग, समर्पण और देशसेवा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने लौह पुरुष को नमन करते हुए अखंड भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया। सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आजादी के बाद देश की एकता को मजबूत करने में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था।

560 से अधिक रियासतों का कराया विलय, राष्ट्रीय एकता दिवस का महत्व
1947 में आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल देश के पहले गृह मंत्री बने। उन्हें 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने का श्रेय दिया जाता है। उनके प्रयासों ने स्वतंत्र भारत की राजनीतिक एकता और अखंडता की नींव मजबूत की। वर्ष 2014 से केंद्र सरकार 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति नागरिकों की प्रतिबद्धता को मजबूत करना है। इस अवसर पर एकता नगर में आयोजित कार्यक्रमों और विकास परियोजनाओं के माध्यम से सरदार पटेल की विरासत तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
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