Rajesh Dubey Attack BJP RSS : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री एवं सरगुजा संभाग प्रभारी राजेश दुबे अधिवक्ता ने भाजपा और आरएसएस के कथित लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ आंदोलन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस आंदोलन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस अब खुद मानने लगे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में लोकतंत्र संकट में है। राजेश दुबे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद मोदी सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करने में नाकाम रही है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली का आंदोलन बना जन आंदोलन
राजेश दुबे ने कहा कि 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन ने वोट चोरी के मुद्दे पर विशाल आंदोलन किया था। उनके अनुसार, इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली और आंदोलन ने जन आंदोलन का रूप ले लिया। उन्होंने इस प्रदर्शन की तुलना वर्ष 1974 में हुए जेपी आंदोलन से करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र की रक्षा और कथित वोट चोरी के खिलाफ आवाज लगातार मजबूत हो रही है।

भाजपा और आरएसएस पर मोदी सरकार को लेकर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ का नारा कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस भी यह स्वीकार कर रहे हैं कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं और व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। दुबे के मुताबिक, यदि देश में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है और अराजकता का माहौल है, तो इसकी जिम्मेदारी केंद्र की सत्तारूढ़ सरकार की है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर 12 वर्षों तक शासन करने के बाद अब लोकतंत्र बचाने की जरूरत क्यों महसूस हो रही है?

मोदी, शाह और ज्ञानेश से हिसाब मांगने की कही बात
राजेश दुबे ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब देशव्यापी जन आंदोलन बनता जा रहा है। दुबे ने दावा किया कि देश की जनता अब इन नेताओं और उनके कार्यों का हिसाब मांगने के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में उठ रहे सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।
भाजपा की डबल इंजन सरकारों पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने भाजपा और आरएसएस से सवाल किया कि जब पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है और देश के अधिकतर राज्यों में भी भाजपा की डबल इंजन सरकारें काम कर रही हैं, तो फिर लोकतंत्र पर संकट और अराजकता की स्थिति क्यों बनी हुई है? उन्होंने कहा कि यदि भाजपा और आरएसएस वास्तव में मानते हैं कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है, तो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगना चाहिए।

मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन क्यों, राजेश दुबे ने मांगा जवाब
राजेश दुबे ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के बजाय सरकार की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब केंद्र और कई राज्यों में भाजपा की सत्ता है, तब लोकतंत्र बचाने और अराजकता हटाने का आंदोलन किसके खिलाफ किया जा रहा है? उन्होंने इसे राजनीतिक विरोधाभास बताते हुए भाजपा और आरएसएस से अपनी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की। उनका कहना है कि लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष चुनाव और जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

