Kotia Border Dispute : ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से विवादित कोटिया क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से इस इलाके के कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव कराने की तैयारी शुरू किए जाने के बाद दोनों राज्यों के बीच विवाद गहरा गया है। इस मामले को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को लिखा पत्र
नवीन पटनायक ने बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कोटिया क्षेत्र में पैदा हुए हालात पर चिंता जताई। उन्होंने आग्रह किया कि राज्य सरकार इस मुद्दे को केंद्र सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के सामने मजबूती से उठाए।

पूर्व मुख्यमंत्री का कहना है कि पड़ोसी राज्य की ओर से विवादित क्षेत्र में चुनाव कराने की कोशिशों से सीमा पर स्थित गांवों में तनाव की स्थिति बन रही है। उन्होंने ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता और सीमावर्ती गांवों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता बताई।

अधिकारियों के बीच तनातनी के बाद बढ़ा सीमा विवाद
पटनायक के पत्र से एक दिन पहले ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों के बीच कथित तौर पर तनातनी हुई थी। इस घटना के बाद कोटिया क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों में तनाव और बढ़ गया। विवाद उस समय गंभीर हो गया, जब आंध्र प्रदेश प्रशासन ने ओडिशा के दावे वाले कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक, ये चुनाव पांच नवंबर को प्रस्तावित हैं। चुनावी गतिविधियों को लेकर दोनों राज्यों के प्रशासन के बीच मतभेद सामने आए हैं। ओडिशा सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

आंध्र प्रदेश प्रशासन का मतदान केंद्र ओडिशा पुलिस ने किया सील
विवाद के बीच ओडिशा पुलिस ने आंध्र प्रदेश प्रशासन की ओर से स्थापित एक मतदान केंद्र को सील कर दिया। यह कार्रवाई कोटिया क्षेत्र में चुनाव संबंधी गतिविधियों को लेकर की गई। ओडिशा प्रशासन का उद्देश्य विवादित क्षेत्र में पड़ोसी राज्य की ओर से की जा रही गतिविधियों को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना बताया गया है।
सीमा पर तीन जांच चौकियां स्थापित, पुलिस की बढ़ाई गई निगरानी
ग्रामीण चुनाव से पहले ओडिशा सरकार ने सीमा पर तीन जांच चौकियां स्थापित की हैं। इनका उद्देश्य शांति व्यवस्था बनाए रखना और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों के कथित अनधिकृत प्रवेश को रोकना है। साथ ही कोटिया क्षेत्र में चुनाव से जुड़ी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
अपर सेम्बी गांव में ओडिशा पुलिस ने संभाला चौकी का नियंत्रण
कोटिया से मिली जानकारी के अनुसार, कोरापुट जिला पुलिस ने विवादित क्षेत्र के अपर सेम्बी गांव में आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा स्थापित जांच चौकी का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। ओडिशा पुलिस के पहुंचने के बाद आंध्र प्रदेश के पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर चौकी खाली कर दी और वहां से चले गए।
कोरापुट के पुलिस उपाधीक्षक टीपीएस मंडल ने बताया कि ओडिशा पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने जांच चौकी खाली कर दी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी वहां से चले गए।
भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की दोनों राज्यों में सरकार
नवीन पटनायक ने अपने पत्र में राजनीतिक पहलू भी उठाया। उन्होंने कहा कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों की सरकारें हैं। ऐसे में इस विवाद का समाधान निकालने के लिए केंद्र और दोनों राज्य सरकारों को गंभीरता से प्रयास करना चाहिए।
ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार को याद दिलाया कि भाजपा ने वर्ष 2024 के चुनावी घोषणापत्र में ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि अब इस वादे को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।कोटिया क्षेत्र में चुनावी गतिविधियों और पुलिस चौकियों को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अब सबकी नजर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केंद्र सरकार की अगली कार्रवाई पर है।

