US Market Crash : अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को ऐसी भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसने दुनियाभर के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद वॉल स्ट्रीट में तेज गिरावट दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली के कारण Nasdaq Composite करीब 5.5 प्रतिशत टूट गया। वहीं, Dow Jones में 1,842.69 अंकों की गिरावट आई। बाजार में आई इस उथल-पुथल के चलते एक ही कारोबारी दिन में लगभग 3 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 283 लाख करोड़ रुपये की बाजार पूंजी घट गई।
चुनावी नतीजों के बाद AI सेक्टर को लेकर बढ़ी चिंता
बाजार में गिरावट के पीछे चुनावी नतीजों और उनसे जुड़ी नीतिगत आशंकाओं को प्रमुख वजह माना जा रहा है। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिलने के बाद निवेशकों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI सेक्टर पर संभावित सख्त नियमन की चिंता बढ़ गई। इसके अलावा डेटा सेंटर के विस्तार की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका ने भी टेक कंपनियों के शेयरों पर दबाव बनाया। नतीजतन, निवेशकों ने टेक्नोलॉजी और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की।

तीनों प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स में बड़ी गिरावट
गुरुवार को Dow Jones Industrial Average 1,842.69 अंक यानी 3.45 प्रतिशत गिरकर 51,513.43 पर बंद हुआ। Nasdaq Composite में 1,421.50 अंकों यानी 5.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,315.02 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह S&P 500 भी 331.94 अंक यानी 4.32 प्रतिशत टूटकर 7,353.65 पर बंद हुआ। छोटी कंपनियों के शेयरों का प्रतिनिधित्व करने वाला Russell 2000 इंडेक्स भी 4.4 प्रतिशत गिर गया।

Nasdaq करेक्शन जोन में, चिप कंपनियों को सबसे बड़ा झटका
Nasdaq अपने 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से 10 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुका है। इस वजह से यह करेक्शन जोन में पहुंच गया है। इंडेक्स की यह करीब 19 महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट बताई गई। वहीं, Philadelphia Semiconductor Index 12.20 प्रतिशत टूट गया। मार्च 2020 में कोविड महामारी के शुरुआती दौर के बाद इस इंडेक्स की यह सबसे बड़ी गिरावट रही। Sandisk के शेयर 22.26 प्रतिशत, Astera Labs के 19.60 प्रतिशत और Lumentum के 18.68 प्रतिशत लुढ़क गए। Micron Technology में 17.46 प्रतिशत और Western Digital में 17.35 प्रतिशत की गिरावट आई।
एशियाई शेयर बाजारों में भी दिखा अमेरिकी गिरावट का असर
अमेरिकी बाजार में आई गिरावट का असर शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया। जापान का Nikkei 225 करीब 5.75 प्रतिशत टूटकर 57,565 के स्तर पर आ गया। ताइवान का बाजार 6.80 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का KOSPI 5.46 प्रतिशत गिर गया। हांगकांग का Hang Seng 0.83 प्रतिशत और चीन का Shanghai Composite 1.28 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। सिंगापुर का Straits Times भी करीब 1.94 प्रतिशत कमजोर रहा।

भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत पर भी दबाव की आशंका
एशियाई बाजारों की कमजोरी के बीच भारतीय निवेशकों की नजर GIFT Nifty पर टिकी रही। शुक्रवार सुबह 7:40 बजे GIFT Nifty 141 अंक यानी 0.57 प्रतिशत गिरकर 24,458.50 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Dow Jones Futures 0.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 51,239.20 पर था। इन संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत की आशंका बढ़ गई।
कच्चे तेल में तेजी, सोने की कीमत में गिरावट
वैश्विक बाजार में शुक्रवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। Brent Crude 1.28 प्रतिशत बढ़कर 99.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी Crude Oil 0.83 प्रतिशत चढ़कर 91.27 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। दूसरी ओर, सोने की कीमत 0.44 प्रतिशत गिरकर 4,069.69 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। डॉलर इंडेक्स भी 0.06 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ 101.67 पर पहुंच गया। अमेरिकी बाजार की गिरावट और वैश्विक संकेतों के बीच अब निवेशकों की नजर भारतीय बाजार की चाल पर बनी हुई है।
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