FSSAI Action : भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य और पेय पदार्थ बनाने वाली कई बड़ी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। नियामक ने हाल के महीनों में भ्रामक विज्ञापनों, उत्पादों पर गलत दावे और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर 150 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। एफएसएसएआई ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। नियामक का कहना है कि उपभोक्ताओं को गलत जानकारी देकर प्रभावित करने वाले दावों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
बड़े फूड और बेवरेज ब्रांड्स भी जांच के दायरे में
एफएसएसएआई की कार्रवाई में कई प्रमुख भारतीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। इनमें नेस्ले इंडिया, पेप्सिको, कोका-कोला इंडिया, मोंडेलेज इंडिया, एबॉट इंडिया, डैनोन इंडिया, फेरेरो इंडिया और केनव्यू इंक जैसे नाम सामने आए हैं। नियामक ने इन कंपनियों के उत्पादों और उनके प्रचार में इस्तेमाल किए जा रहे दावों की जांच की है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
एनर्जी ड्रिंक और शराब कंपनियों पर भी कार्रवाई
एफएसएसएआई ने केवल सामान्य पैक्ड फूड उत्पादों तक अपनी कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। ऊर्जा पेय और मादक पेय बनाने वाली कंपनियों पर भी नियामक की नजर है। रेड बुल इंडिया, मॉन्स्टर एनर्जी इंडिया, हेल एनर्जी, डियाजियो और पर्नो रिकार्ड जैसी कंपनियों को भी कथित नियम उल्लंघन के मामलों में नोटिस दिए गए हैं। गंभीर मामलों में नियामक की ओर से कुछ उत्पादों को जब्त किए जाने की कार्रवाई भी की गई है।
ई-कॉमर्स कंपनियां भी FSSAI की नजर में
खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का दायरा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक भी पहुंच गया है। एफएसएसएआई ने ई-कॉमर्स कंपनियों को भी नोटिस जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक, अमेजन और फ्लिपकार्ट को मिलाकर 12 नोटिस भेजे गए। इसके अलावा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में अमेजन के एक गोदाम का लाइसेंस रद्द किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि ऑनलाइन माध्यम से खाद्य उत्पादों की बिक्री और उनके प्रदर्शन को लेकर भी नियामक सख्ती बरत रहा है।
KFC, McDonald’s और Domino’s पर भी नोटिस
रेस्टोरेंट और फूड सर्विस सेक्टर भी एफएसएसएआई की कार्रवाई से अछूता नहीं रहा। केएफसी, मैकडॉनल्ड्स, पिज्जा हट, डोमिनोज और कोस्टा कॉफी जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स को 30 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़े कथित उल्लंघनों के मामलों में डोमिनोज के पांच लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इससे पहले भी नियामक कई बड़े होटलों और फूड सर्विस प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है।
गलत दावों और लेबलिंग पर खास नजर
एफएसएसएआई की कार्रवाई का एक प्रमुख केंद्र उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापन में किए जाने वाले दावे हैं। खाद्य कंपनियों को उत्पाद के बारे में उपभोक्ताओं तक सही, स्पष्ट और नियमों के अनुरूप जानकारी पहुंचानी होती है। किसी उत्पाद की गुणवत्ता, पोषण, स्वास्थ्य लाभ या अन्य विशेषताओं को लेकर भ्रामक दावा किए जाने पर नियामक कार्रवाई कर सकता है। इसी तरह लेबलिंग नियमों का पालन नहीं करना भी कंपनियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है।
नोटिस के बाद कंपनियां सुधारने लगीं गलतियां
नियामक की सख्ती का असर अब कंपनियों पर भी दिखाई देने लगा है। एफएसएसएआई के अनुसार, नोटिस मिलने के बाद कई खाद्य कंपनियों ने अपनी प्रक्रियाओं में सुधार शुरू कर दिया है। कंपनियां अपने विज्ञापनों, उत्पाद संबंधी दावों और पैकेजिंग लेबल में आवश्यक बदलाव कर रही हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को किसी खाद्य या पेय उत्पाद के बारे में स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी मिले।
उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता
एफएसएसएआई की ताजा कार्रवाई से संकेत मिलता है कि खाद्य नियामक अब उत्पादों की गुणवत्ता के साथ-साथ उनके विज्ञापन और लेबलिंग को लेकर भी गंभीर है। उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए किए जाने वाले गलत या भ्रामक दावों पर कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है। नियामक का मुख्य उद्देश्य खाद्य कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और लोगों के स्वास्थ्य व हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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