Rahul Gandhi Diwali Party : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए दिवाली मिलन समारोह आयोजित किया। 5, सुनहरी बाग रोड स्थित उनके आवास पर हुई इस चाय पार्टी में महासचिव, प्रदेश प्रभारी, कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य और कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह आयोजन ऐसे समय हुआ है, जब कांग्रेस केंद्र सरकार को कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के मुद्दे पर घेरने की तैयारी कर रही है।
हर टेबल पर पहुंचे राहुल गांधी
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक जगह बैठने के बजाय अलग-अलग टेबल पर जाकर नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने 100 से अधिक नेताओं के साथ बातचीत की और सभी को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। मौजूद नेताओं के मुताबिक, बातचीत का माहौल अनौपचारिक और गर्मजोशी भरा रहा। इस दौरान किसी राजनीतिक रणनीति या आगामी कार्यक्रमों के रोडमैप पर चर्चा नहीं हुई। हालांकि, पार्टी नेताओं ने इसे आपसी संवाद और एकजुटता मजबूत करने का अवसर बताया।

सोनिया, प्रियंका और कई मुख्यमंत्री भी पहुंचे
इस आयोजन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद रहीं। इनके अलावा जयराम रमेश, सचिन पायलट, कुमारी शैलजा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी कार्यक्रम में पहुंचे। पूर्व मुख्यमंत्रियों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, भूपेश बघेल, अशोक गहलोत, हरीश रावत और दिग्विजय सिंह शामिल रहे। चुनावी राज्यों के नेताओं तथा प्रदेश प्रभारियों की मौजूदगी ने भी आयोजन को महत्वपूर्ण बनाया।

सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए सवाल
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में सचिन पायलट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार के कई काम अवैध और असंवैधानिक रहे हैं। पायलट के मुताबिक, राहुल गांधी पहले भी इस संबंध में सबूत सार्वजनिक कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के 140 करोड़ नागरिकों में केवल एक व्यक्ति को जीवनभर की इम्युनिटी क्यों मिलनी चाहिए। हालांकि, पायलट ने स्पष्ट किया कि दिवाली मिलन समारोह में राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
पवन खेड़ा ने अमित शाह पर साधा निशाना
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि त्योहारों के अवसर पर पार्टी परिवार का एक साथ आना स्वाभाविक है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर भी हमला बोला। खेड़ा ने आरोप लगाया कि संसद के सत्र के दौरान गृह मंत्री सदन में चर्चा के लिए उपलब्ध नहीं रहते। उन्होंने कहा कि शाह ने संसद में SIR पर चर्चा नहीं होने की बात कही थी, जबकि बाहर इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हैं। खेड़ा ने सवाल किया कि ऐसे विरोधाभासी रुख को गंभीरता से कैसे लिया जाए।

वोट चोरी अभियान के बीच हुआ आयोजन
राहुल गांधी की यह चाय पार्टी कांग्रेस के वोट चोरी विरोधी अभियान के बीच हुई। पार्टी और INDIA गठबंधन मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लगातार उठा रहे हैं। इससे पहले गठबंधन ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी। इसके एक दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग जैसा राजनीतिक विरोध भी किया गया था। ऐसे माहौल में राहुल गांधी का वरिष्ठ नेताओं से मिलना संगठनात्मक एकजुटता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Read More : Haryana Fake Godmen : हरियाणा में फर्जी बाबाओं के खिलाफ खाप पंचायत, आर्य समाज और यूट्यूबर्स एकजुट


