UP Politics 2027 : उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी बस्ती पहुंचे। यहां मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर हमला बोला। द्विवेदी ने कहा कि अखिलेश यादव अपने राजनीतिक दम पर नहीं, बल्कि अपने पिता मुलायम सिंह यादव की विरासत के कारण मुख्यमंत्री बने थे। उनके मुताबिक, मुलायम सिंह के नाम पर चुनाव हुआ और बाद में उन्होंने अपने बेटे को मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी।
चुनाव लड़ने से बच रहे अखिलेश यादव? बीजेपी नेता ने उठाए सवाल
हरीश द्विवेदी ने अखिलेश यादव के चुनाव लड़ने को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश चुनाव नहीं लड़ने की बात कहकर अपनी राजनीतिक कमजोरियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। द्विवेदी के मुताबिक, उन्हें आशंका है कि चुनाव मैदान में उतरने पर हार का सामना करना पड़ सकता है और इससे उनका जनाधार भी सामने आ जाएगा। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव में मजबूत स्थिति में नहीं है और अखिलेश यादव पहले से ही हार की संभावना समझ रहे हैं।

बीजेपी की प्रचंड जीत का दावा, सपा के जनाधार पर सवाल
बीजेपी नेता ने कहा कि अखिलेश यादव ओवरकॉन्फिडेंट नहीं, बल्कि इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि उनकी सरकार बनने की संभावना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में गरीबों, किसानों और मजदूरों के साथ अत्याचार हुए थे, जिन्हें उत्तर प्रदेश की जनता भूली नहीं है। द्विवेदी ने दावा किया कि जनता बीजेपी के कामकाज से संतुष्ट है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

मुलायम सिंह की विरासत नहीं संभाल पाए अखिलेश: हरीश द्विवेदी
अखिलेश यादव पर हमला जारी रखते हुए द्विवेदी ने कहा कि वह अपने पिता मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को संभालने में सफल नहीं रहे। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने संघर्ष करके राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी, जबकि अखिलेश को परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के कारण अवसर मिला। बीजेपी नेता ने यह भी दावा किया कि अखिलेश के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी लगातार चुनावों में पिछड़ती रही है।
बीजेपी की पदयात्रा पर उठे सवालों का दिया जवाब
बीजेपी की ओर से निकाली जा रही पदयात्राओं पर अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर भी हरीश द्विवेदी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी भी कार्यक्रम का आयोजन करते समय व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों की परेशानियों का ध्यान रखती है। पदयात्राओं की योजना इस तरह बनाई जाती है कि किसी वर्ग के कारोबार या रोजमर्रा के कामकाज पर अनावश्यक असर न पड़े।

कांग्रेस और INDIA गठबंधन के खिलाफ 800 स्थानों पर पदयात्रा का लक्ष्य
द्विवेदी ने बताया कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन की ओर से फैलाए जा रहे कथित भ्रम का जवाब देने के लिए बीजेपी पदयात्राएं निकाल रही है। उनके अनुसार, अब तक देशभर में 161 स्थानों पर पदयात्राएं पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही यह संख्या 180 तक पहुंचने की उम्मीद है। बीजेपी का लक्ष्य प्रशासनिक जिलों में लगभग 800 स्थानों पर पदयात्राएं आयोजित करना है। यह अभियान दीपावली से पहले और बाद में दो चरणों में चलाया जा रहा है।
SIR को लेकर कांग्रेस पर हमला, नेहरू-इंदिरा का भी किया जिक्र
SIR के मुद्दे पर बीजेपी नेता ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उनके मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी के समय में भी इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई थी। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के नाम हटाना है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
धारा 370 और राम मंदिर का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा
हरीश द्विवेदी ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक फैसलों का विरोध करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि धारा 370 और 35A हटाने, राम मंदिर निर्माण तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा स्थापित करने जैसे फैसलों पर कांग्रेस ने विरोध किया था। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी देशहित के मुद्दों पर आगे बढ़ती रहेगी और जनता आगामी चुनाव में पार्टी को फिर समर्थन देगी।

