IRCTC E-Catering : ट्रेन में सफर के दौरान अपनी सीट पर बैठे-बैठे मनपसंद खाना मंगाना यात्रियों के लिए सुविधाजनक होता है, लेकिन यही सुविधा अब परेशानी का कारण बन सकती है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने अनधिकृत ई-कैटरिंग वेबसाइटों और मोबाइल ऐप को लेकर यात्रियों को अलर्ट किया है। निगम के मुताबिक, कई ऐसी वेबसाइटें बिना आधिकारिक अनुमति के ट्रेन में खाना पहुंचाने का दावा कर रही हैं। इनके जरिए ऑर्डर करने पर यात्रियों की सेहत, बैंकिंग जानकारी और निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है। IRCTC ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
बिना लाइसेंस वाले होटल और रेस्टोरेंट से पहुंचाया जा रहा खाना
IRCTC के अनुसार, कई अनधिकृत प्लेटफॉर्म ऐसे होटल और रेस्टोरेंट से खाना उपलब्ध कराते हैं, जिनके पास जरूरी लाइसेंस नहीं होते। इन प्रतिष्ठानों में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों और स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जाता। कई जगह खाना बनाने वाले कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी नहीं मिलता। इतना ही नहीं, डिलीवरी कर्मचारियों का अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया जाता। ऐसे में यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर सवाल खड़े होते हैं। खराब या दूषित खाना खाने से सफर के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ सकती है।

ऑनलाइन पेमेंट और निजी जानकारी के साथ धोखाधड़ी का खतरा
IRCTC ने बताया कि अनधिकृत वेबसाइटों से खाना मंगाने पर सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। ऑर्डर करते समय यात्री अपना PNR नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और भुगतान से जुड़ी जानकारी साझा करते हैं। इसमें UPI और डेबिट-क्रेडिट कार्ड का विवरण भी शामिल हो सकता है। यह जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लगने पर फिशिंग, पहचान की चोरी और बैंक खाते से धोखाधड़ी जैसी घटनाएं हो सकती हैं। कई मामलों में भुगतान लेने के बाद खाना नहीं पहुंचाया जाता, डिलीवरी में देरी होती है या बिना सूचना ऑर्डर रद्द कर दिया जाता है। ऐसी वेबसाइटों पर शिकायत और रिफंड की विश्वसनीय व्यवस्था भी नहीं होती।

IRCTC ने इन 13 अनधिकृत वेबसाइटों के नाम बताए
IRCTC ने अपनी प्रेस रिलीज में 13 ऐसे ई-कैटरिंग प्लेटफॉर्म के नाम सार्वजनिक किए हैं, जिनसे यात्रियों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। इनमें शामिल हैं:
- RAILRESTRO.COM और RAILRESTRO.IN
- RAILMITRA.COM
- TRAVELKHANA.COM
- TRAINCAFE.COM
- DIBRAIL.COM
- RAILFOOD.NET
- TRAVELERFOOD.COM
- FOODONTRACK.IN
- ECATERING.APP
- KHANAONLINE.IN
- TRAINWAY.IN
- RAILMEAL.COM
- TRAINMENU.COM
निगम का कहना है कि कुछ संस्थाएं IRCTC के नाम और पहचान का इस्तेमाल करके यात्रियों को सेवाएं देने का दावा कर रही हैं। ऐसे कारोबार के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

खाना मंगाने के लिए इन आधिकारिक तरीकों का करें इस्तेमाल
IRCTC ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन में भोजन ऑर्डर करने के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें। इसके लिए यात्री https://www.ecatering.irctc.co.in वेबसाइट या Food on Track मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा अधिकृत ई-कैटरिंग पार्टनर और वेंडर के जरिए भी खाना मंगाया जा सकता है। यात्री 1323 नंबर पर कॉल करके भी इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं। आधिकारिक माध्यमों से ऑर्डर करने पर भुगतान, बिलिंग और भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी व्यवस्था अधिक जवाबदेह रहती है।
अनधिकृत कारोबार से सरकार को GST का भी नुकसान
IRCTC ने इस मामले में सरकारी राजस्व का मुद्दा भी उठाया है। निगम के मुताबिक, उसकी ई-कैटरिंग सेवाओं से होने वाली कमाई पर निर्धारित GST का भुगतान किया जाता है। वहीं, अनधिकृत ऑपरेटर जरूरी टैक्स नियमों से बच सकते हैं। इससे सरकारी खजाने को नुकसान होने के साथ नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों के सामने अनुचित प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है। इसलिए अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई जरूरी है।
क्षेत्रीय व्यंजनों से लेकर पिज्जा और केक तक मिलते हैं विकल्प
IRCTC की आधिकारिक ई-कैटरिंग सेवा यात्रियों को उनकी पसंद के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसमें पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के साथ पिज्जा, बर्गर और कई तरह के फास्ट फूड के विकल्प भी मौजूद हैं। यात्री जन्मदिन और सालगिरह जैसे खास मौकों पर केक भी ऑर्डर कर सकते हैं। अलग-अलग रेस्टोरेंट अपने मेन्यू और कीमतें निर्धारित करते हैं, जिससे यात्री अपने बजट के अनुसार भोजन चुन सकते हैं।
अवैध फूड डिलीवरी दिखे तो 182 पर करें शिकायत
IRCTC ने यात्रियों से रेलवे स्टेशन या ट्रेन में किसी अनधिकृत फूड वेंडर अथवा अवैध डिलीवरी गतिविधि की जानकारी मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के हेल्पलाइन नंबर 182 पर शिकायत करने की अपील की है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सेहत, निजी जानकारी और पैसों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में अगली बार ट्रेन में खाना ऑर्डर करने से पहले वेबसाइट की आधिकारिकता जरूर जांच लें।
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