VHP on Akhilesh Yadav : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने शनिवार को अखिलेश यादव से मांग की है कि वह अयोध्या पहुंचने से पहले भगवान राम, राम मंदिर और हिंदू धार्मिक मान्यताओं को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। दरअसल, समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और 2027 विधानसभा चुनाव में अयोध्या से पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडे ने जानकारी दी है कि अखिलेश यादव 12 दिसंबर को राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचेंगे।
VHP ने अखिलेश यादव के सामने रखीं छह शर्तें
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे से पहले छह प्रतिबद्धताएं पूरी करने की मांग की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उसे ‘नमाजवादी पार्टी’ तक कह दिया। बंसल का कहना है कि रामनगरी अयोध्या पहुंचने से पहले सपा प्रमुख को अपने पुराने बयानों और कथित टिप्पणियों को लेकर हिंदू समाज से माफी मांगनी चाहिए।

भगवान राम और राम मंदिर पर माफी की मांग
विनोद बंसल ने अपनी पहली मांग में कहा कि अखिलेश यादव को भगवान राम, उनके जन्मस्थान, राम मंदिर, रामचरितमानस, गोस्वामी तुलसीदास, सनातन धर्म और हिंदू मान्यताओं के खिलाफ कथित बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। इसके अलावा उन्हें यह भरोसा देना चाहिए कि वह हिंदू समाज के भीतर जातिगत नफरत और विभाजन को बढ़ावा नहीं देंगे। VHP प्रवक्ता ने इन मुद्दों को अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे से पहले जरूरी प्रतिबद्धताओं का हिस्सा बताया है।

रामभक्तों की हत्या और बाबरी मानसिकता पर भी उठाया सवाल
VHP नेता ने अपनी अगली मांगों में निहत्थे रामभक्तों की हत्या और बाबरी मानसिकता को बढ़ावा देने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव से खेद जताने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदू समाज और भारत को बांटने की कोशिशों से दूरी बनाने का संकल्प भी सपा प्रमुख को लेना चाहिए। हालांकि, ये सभी आरोप और मांगें विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल की ओर से लगाए गए हैं।
मथुरा और काशी को लेकर भी VHP ने रखी मांग
विनोद बंसल ने आगे कहा कि अखिलेश यादव को कथित तौर पर चरमपंथी, मिशनरी और राष्ट्रविरोधी साजिशकर्ताओं को संरक्षण देना बंद करना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि सपा प्रमुख मथुरा, काशी और दूसरे स्थानों पर हिंदू धार्मिक स्थलों की मुक्ति में बाधा नहीं डालने का संकल्प लें। VHP के मुताबिक, सत्ता की राजनीति के लिए देश को कमजोर करने वाली गतिविधियों का समर्थन नहीं किया जाना चाहिए।

VHP ने अखिलेश के दौरे को चुनावी राजनीति से जोड़ा
विनोद बंसल ने अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा है। उन्होंने दावा किया कि सपा प्रमुख को पता है कि भगवान राम के मुद्दे को नजरअंदाज करके चुनावी सफलता हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या दौरे से पहले राजनीतिक माहौल तैयार किया जा रहा है, ताकि लोगों की प्रतिक्रियाओं और मतदाताओं के रुख का आकलन किया जा सके।
डिंपल यादव के साथ राम मंदिर जाएंगे अखिलेश
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे के मुताबिक, अखिलेश यादव 12 दिसंबर को अपनी पत्नी और सांसद डिंपल यादव के साथ अयोध्या पहुंचेंगे। दोनों राम मंदिर में दर्शन करने के अलावा प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर भी जाएंगे। इस प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि अखिलेश यादव VHP की छह मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और उनका अयोध्या दौरा उत्तर प्रदेश की सियासत में क्या नया मोड़ लाता है।
Read More : US Midterm Elections : अमेरिका में चुनावी हार के बाद ट्रंप का बड़ा फैसला, कैबिनेट में होंगे कई बदलाव

