MEA press briefing : भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारतीय नागरिक निमिषा प्रिया की फांसी की सजा भारत के राजनयिक प्रयासों की वजह से फिलहाल टल गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील और जटिल है, जिस पर सरकार लगातार निगरानी रख रही है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि वह इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करें। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि भारत निमिषा के परिवार के संपर्क में है और कुछ अंतरराष्ट्रीय सहयोगी देश इस दिशा में मदद कर रहे हैं।

यमन में हत्या के आरोप में कैद है भारतीय नर्स
गौरतलब है कि भारतीय मूल की नर्स निमिषा प्रिया साल 2017 से यमन की राजधानी सना की जेल में बंद हैं। उन्हें यमन की एक अदालत ने 2020 में वहां के नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहा है। रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका द्वारा ईरान से व्यापार करने वाली कुछ भारतीय कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि भारत ने इस फैसले को संज्ञान में लिया है और इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। भारत इन प्रतिबंधों के व्यापक प्रभावों का मूल्यांकन कर रहा है।

भारत-अमेरिका संबंध मजबूत और दीर्घकालिक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए MEA प्रवक्ता ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच “कॉम्प्रिहेंसिव ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” है, जो समय-समय पर आई चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश मिलकर भविष्य की चुनौतियों से भी पार पाएंगे।
भारत ने रूस से तेल खरीद पर कोई टिप्पणी नहीं की
रूस से तेल आयात और पाकिस्तान से भविष्य में संभावित खरीद पर ट्रंप के बयान पर विदेश मंत्रालय ने सीधे टिप्पणी करने से इनकार किया। प्रवक्ता ने कहा कि इन सवालों पर मंत्रालय का कोई विचार साझा नहीं किया जाएगा।
भारतीय कंपनियों पर अमेरिकी बैन
जुलाई 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने के कारण 6 भारतीय कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए थे। इस पर भारत का जवाब रहा है कि सस्ते तेल के जरिए देश ने न केवल घरेलू ईंधन कीमतों को स्थिर रखा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में कीमतों को भी संतुलित करने में मदद की।
भारत ने अमेरिका के तेवरों पर जताई असहमति
विदेश मंत्रालय की यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत के विदेश नीति के रुख को स्पष्ट करती है- जहाँ एक ओर भारत अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों को लेकर सतर्क है, वहीं दूसरी ओर वह द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता। साथ ही, निमिषा प्रिया मामले में सरकार की संवेदनशीलता और सक्रियता भी सामने आई है।










