Dharmendra Pradhan : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में देश की शिक्षा प्रणाली और हाल ही में आयोजित NEET परीक्षा पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि NEET परीक्षा अत्यंत शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए सभी परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों और परीक्षा संचालन से जुड़े तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करना एक जटिल प्रक्रिया है, लेकिन सामूहिक प्रयासों से इसे बिना किसी बाधा के पूरा करना एक बड़ी उपलब्धि है।

परीक्षा परिणाम और भविष्य की पारदर्शी प्रणाली
सीबीएसई (CBSE) के परिणामों की घोषणा के बाद अब देशभर के छात्रों की निगाहें NEET के परिणामों पर टिकी हैं। शिक्षा मंत्री ने परीक्षार्थियों को भरोसा दिलाया कि NEET के नतीजे जल्द ही जारी किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से परिणाम घोषित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सरकार भारतीय परीक्षा प्रणाली में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाने की योजना पर काम कर रही है। व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों से निरंतर फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि आगामी समय में हर प्रकार की तकनीकी चुनौतियों का सामना बेहतर ढंग से किया जा सके।

ऑटोनॉमस एग्जाम सिस्टम और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष ध्यान
इंटरव्यू के दौरान शिक्षा मंत्री ने सरकार की प्राथमिकता पर जोर देते हुए कहा कि ‘ऑटोनॉमस एग्जाम सिस्टम’ (स्वायत्त परीक्षा प्रणाली) को लागू करना मुख्य उद्देश्य है। इसका उद्देश्य परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को अधिक स्वतंत्र और त्रुटिहीन बनाना है। वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए मंत्री ने आश्वासन दिया कि नई परीक्षा प्रणाली साइबर खतरों से निपटने में पूरी तरह सक्षम होगी। डिजिटल तकनीक का एकीकरण इस प्रणाली की रीढ़ होगा, जिससे किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप की संभावना नगण्य हो जाएगी।
राहुल गांधी पर हमला और नकारात्मक राजनीति के आरोप
शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए उन पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने परीक्षा प्रणाली और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर देश में गलत जानकारी फैलाकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की है। प्रधान ने विशेष रूप से कर्नाटक की एक घटना का हवाला दिया, जहाँ कांग्रेस की एक रैली के कारण कई छात्रों की परीक्षा छूट गई थी। उन्होंने नागपुर मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि संबंधित छात्र ने स्वयं आबू धाबी सेंटर का चयन किया था, लेकिन इस मुद्दे को लेकर गलत बयानी की गई।
छात्रों के भविष्य से राजनीति न करने की अपील
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों के करियर को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आलोचना करना राजनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को राजनीति से दूर रखना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने अंत में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का एकमात्र ध्येय छात्रों को एक निष्पक्ष और प्रगतिशील शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने राहुल गांधी से नागपुर और कर्नाटक की घटनाओं के लिए देश से माफी मांगने की मांग की और भविष्य में छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया।










