Chhattisgarh monsoon : छत्तीसगढ़ के उत्तरी क्षेत्र विशेषकर सरगुजा और बलरामपुर जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के अन्य हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों को राहत मिली है और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने जारी की मेघगर्जन- वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में उत्तरी छत्तीसगढ़ में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। मानसून द्रोणिका वर्तमान में अमृतसर से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके साथ ही, उत्तर-पश्चिम बिहार और उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी ऊपरी हवा का परिसंचरण सक्रिय है, जो प्रदेश में बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है।

4 अगस्त को प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?
4 अगस्त को छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी बारिश और वज्रपात भी हो सकता है। खासकर प्रदेश के उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जहां बाढ़ की आशंका बनी हुई है।
आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान
उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक लगातार हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं, मध्य छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधि में कुछ दिनों के लिए कमी आएगी, लेकिन बाद में फिर से वर्षा का सिलसिला बढ़ सकता है। यह स्थिति मानसून की सक्रियता को दर्शाती है।
पिछले 24 घंटे का मौसम सारांश
सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई है। बलरामपुर जिले में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में अधिकतम तापमान रायपुर में 34.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान दुर्ग में 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान दौरा कोचली में 14 सेंटीमीटर, रामचंद्रपुर में 13 सेंटीमीटर बारिश हुई।
रायपुर में बौछारों की संभावना
राजधानी रायपुर में 4 अगस्त को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। यहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। इससे मौसम में ठंडक बढ़ेगी और मानसून की ताजगी महसूस होगी।
किसानों और आम जनता के लिए राहत और सतर्कता की जरूरत
प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिर से तेज हो रही है, जो किसानों के लिए अच्छी खबर है क्योंकि फसल के लिए पानी उपलब्ध होगा। हालांकि, आम जनता को गरज-चमक और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने ताजा रिपोर्ट में प्रदेशवासियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी होने के साथ ही प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है। रायपुर समेत कई जगहों पर बौछारों का अनुमान है। बारिश की यह लहर किसानों के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन साथ ही सावधानी भी आवश्यक है। आगामी दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना के कारण मौसम विभाग की सलाह को गंभीरता से लेना जरूरी है।










