Uttarkashi cloudburst: उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद हालात गंभीर, हरिद्वार में भी रेड अलर्ट के चलते स्कूल बंद

Uttarkashi cloudburst : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। मलबे और तेज बहाव ने कई इलाकों में तबाही मचाई है। प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं। साथ ही लाउडस्पीकर से लगातार लोगों को अलर्ट रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

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मौसम विभाग ने 5 और 6 अगस्त के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले चार दिनों तक लगातार बारिश उत्तरकाशी के हालात और बिगाड़ सकती है। ऐसे में प्रशासन ने सेना, NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर दी हैं, जो राहत और बचाव कार्य में सक्रिय हैं।

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प्राथमिकता: लोगों को सुरक्षित पहुंचाना

गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। “लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। जिन इलाकों में खतरा अधिक है, वहां से लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है।” प्रभावित क्षेत्रों में भूस्खलन और जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे कई रास्ते बंद हो चुके हैं। प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्गों की पहचान और जरूरी संसाधनों की आपूर्ति पर काम जारी है।

हरिद्वार में भी अलर्ट, स्कूल-आंगनवाड़ी बंद

इधर, हरिद्वार जिले में भी मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के आदेश पर 6 अगस्त को जिले के सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक, अगले 24 घंटों में भीषण बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।

प्रभावितों के लिए राहत शिविर

उत्तरकाशी में प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां खाने-पीने और चिकित्सा की अस्थायी व्यवस्थाएं की गई हैं। जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया कि अब तक कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बिजली, पानी और संचार सेवाओं को बहाल करने की कोशिशें जारी हैं।

उत्तरकाशी और हरिद्वार में प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। भारी बारिश का खतरा अब भी बना हुआ है और जनजीवन प्रभावित हो चुका है। ऐसे में आम लोगों की सतर्कता, प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत एजेंसियों की तत्परता ही इस चुनौती से पार पाने में मदद कर सकती है। लोगों से अपील है कि अफवाहों से बचें और सिर्फ आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।

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