Raipur abandoned child: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गुरुवार सुबह बीरगांव के व्यास तालाब के पास एक डेढ़ साल का मासूम बच्चा लावारिस हालत में मिला। बच्चे के पास एक हाथ से लिखी चिट्ठी भी मिली, जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। ‘मैं मरने जा रहा हूं…’बच्चे के पास मिली चिट्ठी में लिखा था: “कोई मेरे बच्चे को अपना लेना, मैं मरने जा रहा हूं। मेरे पास रहने की कोई जगह नहीं है। इस दुनिया में जीना नहीं चाहता। बच्चे को अनाथ बना कर जा रहा हूं। कृपया इसका ख्याल रखें।”पुलिस को शक है कि यह चिट्ठी बच्चे के पिता ने खुद लिखी है और किसी मानसिक या आर्थिक संकट के कारण उसने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि चिट्ठी लिखने वाला व्यक्ति जीवित है या नहीं। मोहल्ले वालों ने दिखाई इंसानियत स्थानीय लोगों ने सबसे पहले बच्चे को देखा और MIC सदस्य इकराम अहमद को सूचना दी। इकराम मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचित किया। इस बीच मोहल्ले की कुछ महिलाओं ने बच्चे को नहलाया, साफ कपड़े पहनाए और दुलार कर शांत किया। बाद में पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में लेकर कोटा स्थित मातृछाया बाल संरक्षण संस्था में भेज दिया, जहां अब उसकी देखभाल की जा रही है। पुलिस कर रही है जांच बीरगांव पुलिस ने चिट्ठी को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चे को किसने छोड़ा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की पहचान और उसके परिजनों की जानकारी जुटाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। वहीं, यदि बच्चे के परिजन सामने नहीं आते, तो नियमानुसार उसे गोद लेने की प्रक्रिया के तहत किसी इच्छुक परिवार को सौंपा जा सकता है। भावुक कर देने वाली घटना इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने मानवता, गरीबी और मानसिक तनाव जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है। एक व्यक्ति किस हद तक टूट सकता है, यह इस मार्मिक चिट्ठी से साफ झलकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बच्चा सुरक्षित है, और समय रहते उसे उचित देखभाल मिल गई। लेकिन यह घटना हमारे समाज के उन हिस्सों की ओर इशारा करती है, जहां लोग मदद के लिए तड़प रहे होते हैं, लेकिन कोई सहारा नहीं मिलता। Read more : Naxal commander arrest: राजनांदगांव में मुठभेड़ के बाद 8 लाख का इनामी नक्सली कमांडर गिरफ्तार, पिस्टल और नकदी बरामद

















