Pratappur News : अटल परिसर में लग रहीं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की मूर्तियां उनकी जैसी दिखती हैं या नहीं। इसकी जांच की मांग मुख्यमंत्री से की गई है। शिकायत में नगर पंचायत प्रतापपुर का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि मूर्तियां उनके जैसी नहीं दिखने तथा एक ही जगह से सभी निकायों को मूर्ति सप्लाई की बातें सामने आ रही हैं।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न निकायों में अटल परिसर का निर्माण हो रहा है। कई जगह निर्माण पूरा होने के बाद मूर्तियां स्थापित कर उद्घाटन भी कर दिया गया है। अटल परिसर भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित हैं तथा उनकी मूर्तियां लगाई जा रही हैं। लेकिन मूर्तियों को लेकर हो रही चर्चाओं के अनुसार नाम तो बाजपेयी जी का है पर मूर्तियां उनके कद और व्यक्तित्व के अनुरूप नहीं हैं। खासकर चेहरे को लेकर जो बातें आ रही हैं उनके जैसा बिल्कुल नहीं है।

सभी निकायों में लग रही मूर्तियों की जांच के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई है। इसमें नगर पंचायत प्रतापपुर का हवाला दिया गया है जहां मूर्ति एकदम अलग है। गौरतलब है कि चेहरे और बनावट को लेकर यहां बातें सामने आईं थीं जिसके बाद नगर पंचायत ने माना था कि चेहरे के साथ हाथ पैर की बनावट ठीक नहीं है और सीएमओ ने ठेकेदार को नोटिस काट मूर्ति बदलने कहा है।इन्हीं बातों का उल्लेख करते हुए शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की बातें सामने आई हैं कि ठेका किसी ने भी लिया हो लेकिन मूर्तियों की सप्लाई लगभग जगहों पर एक ही स्थान से हुई है और जब प्रतापपुर की मूर्ति बाजपेयी जी से मेल नहीं खा रही है तो स्वाभाविक है कि बाकी निकायों में भी यही स्थिति होगी। शिकायतकर्ता ने कहा कि अटल जी का कद और व्यक्तित्व विशाल था। मूर्ति का उनसे अलग होना उनका सम्मान नहीं है। इसलिए आवश्यक है कि सभी जगहों पर जांच हो और मूर्ति ठीक नहीं होने की स्थिति में उन्हें बदला जाए और ऐसी मूर्ति लगे जो जीवंत हो और भारत रत्न के व्यक्तित्व से मेल खाती हो।
15 दिन की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी नहीं बदली मूर्ति
मूर्ति अटल जी के जैसी नहीं दिखने की खबरें फैलने के बाद नगर पंचायत प्रतापपुर ने माना था कि मूर्ति जीवंत नहीं है, चेहरे के साथ हाथ पैर की बनावट में त्रुटियां हैं। सीएमओ ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा था कि नगर पंचायत द्वारा मूर्ति के भौतिक निरीक्षण के उपरांत खामियां सामने आई हैं। नोटिस में पंद्रह दिन के अंदर दूसरी मूर्ति जो जीवंत हो, प्रदाय करने कहा गया था। नोटिस 5 जुलाई को जारी हुआ था और अब एक माह से ज्यादा का समय बीत चुका है बावजूद इसके मूर्ति बदली नहीं गई है।
नोटिस में 15 दिनों के भीतर मूर्ति न बदलने पर ठेकेदार से अनुबंध समाप्त करने की बात भी कही गई थी लेकिन सूत्रों के अनुसार नगर पंचायत द्वारा ठेकेदार के विरुद्ध यह कार्यवाही भी नहीं की गई है।










