Sports bills passed: लोकसभा के मानसून सत्र में सोमवार को खेल जगत से जुड़े दो अहम बिल बहुमत से पारित कर दिए गए। केंद्रीय खेल मंत्री मंसुख मांडविया द्वारा 23 जुलाई को पेश किए गए ये बिल – राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) बिल 2025 और राष्ट्रीय खेल प्रशासन बिल 2025 – भारतीय खेल व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और खिलाड़ियों के अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत करेंगे।

राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी (संशोधन) बिल 2025
यह बिल राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम 2022 में संशोधन करता है ताकि भारत में खेलों में डोपिंग की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। बिल में डोपिंग उल्लंघन की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है। इसमें वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (WADA) के मानकों को शामिल किया गया है।

बिल के तहत अब व्हेयरअबाउट्स फेल्योर (खिलाड़ियों का अपनी लोकेशन न बताना), टैंपरिंग, पजेशन जैसी डोपिंग संबंधी गलतियों को भी अपराध माना जाएगा। इसके अलावा, निषिद्ध पदार्थों का उपयोग, सैंपल देने से मना करना, ट्रैफिकिंग और एथलीट के सपोर्ट पर्सनल जैसे कोच या पैरेंट्स की भूमिका पर भी सख्ती की गई है। उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों या अन्य संबंधित व्यक्तियों को अयोग्यता या निलंबन जैसी सजा दी जाएगी।
राष्ट्रीय खेल प्रशासन बिल 2025
इस बिल का उद्देश्य खेल संघों और महासंघों के कामकाज में सुधार लाना है। इसके लागू होने से खेल निकायों जैसे राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSF), भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) आदि के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
बिल खिलाड़ियों के अधिकारों को प्राथमिकता देगा, खासकर महिलाओं और नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें खेल महासंघों में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना अनिवार्य होगा ताकि नेतृत्व में राजनीतिक हस्तक्षेप कम हो सके। साथ ही, खेल से जुड़े विवादों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए मजबूत तंत्र स्थापित किया जाएगा।
विशेषज्ञों की राय और सरकार का मकसद
विशेषज्ञ मानते हैं कि ये बिल भारत के खेल क्षेत्र में न केवल नैतिकता और ईमानदारी को बढ़ावा देंगे, बल्कि खिलाड़ियों को बेहतर संरक्षण और न्याय सुनिश्चित करेंगे। इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी मजबूत होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन बिलों के माध्यम से खेलों को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और खिलाड़ियों के केंद्रित बनाया जाएगा। खासतौर पर डोपिंग जैसी कुप्रथाओं को रोककर खेलों को साफ-सुथरा रखने की कोशिश की जा रही है।
अब राज्यसभा की बारी
दोनों बिल अब राज्यसभा में भेजे जाएंगे, जहां उनकी विधायिका प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये कानून का रूप लेंगे। इसके बाद भारतीय खेल प्रशासन और डोपिंग नियंत्रण में नए युग की शुरुआत होगी।
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