Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब इस संघर्ष को समाप्त कराने की नई कोशिश में जुटे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खुलासा किया है कि ट्रंप यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आमने-सामने लाने की योजना पर काम कर रहे हैं। वेंस ने कहा कि ट्रंप एक ऐसा रोडमैप तैयार कर रहे हैं जिससे यह वर्षों पुराना युद्ध समाप्त हो सके। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप ऐसा काम करने जा रहे हैं, जो अब तक असंभव माना जा रहा था।” अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 अगस्त को अलास्का में ट्रंप और पुतिन के बीच एक अहम मुलाकात हो सकती है, जो इस दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

युद्ध समाप्ति की कोशिशें तेज
जेडी वेंस के अनुसार, पुतिन लंबे समय से जेलेंस्की के साथ सीधे बातचीत के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन ट्रंप की पहल के बाद अब यह परिदृश्य बदल सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बातचीत में किसी एक पक्ष की संपूर्ण जीत या हार नहीं होगी, बल्कि एक ऐसा समाधान निकलेगा जो दोनों पक्षों के लिए स्वीकार्य हो। वहीं, मध्य पूर्व में भी शांति के प्रयासों को बल मिला है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हाल ही में ट्रंप से बातचीत की है।

सूत्रों के अनुसार, नेतन्याहू ने गाजा पट्टी में चल रही जंग और हमास के खिलाफ रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने ट्रंप को बताया कि इज़राइल का लक्ष्य हमास के कब्जे वाले क्षेत्रों को मुक्त कराना और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करना है।नेतन्याहू ने इस बातचीत के दौरान ट्रंप को उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया और आशा जताई कि अमेरिका की मदद से इस लंबे संघर्ष को भी समाप्त किया जा सकेगा।
क्या ट्रंप को मिलेगा शांति का नोबेल?
गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी दुनिया के कई संघर्षों को खत्म करने के प्रयासों में शामिल रहे हैं। उत्तर कोरिया के किम जोंग उन से उनकी ऐतिहासिक मुलाकात और अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी जैसे कदमों के चलते उन्हें शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किए जाने की मांग भी उठ चुकी है।
अब रूस-यूक्रेन युद्ध और गाजा संघर्ष को थामने की उनकी यह पहल वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। यदि ट्रंप वाकई पुतिन और जेलेंस्की को एक टेबल पर लाने में सफल होते हैं, तो यह उनके राजनीतिक करियर के लिए भी एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।











