Dhamtari murder case : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां मामूली कहासुनी के बाद तीन युवकों की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक युवक रायपुर के रहने वाले थे और घूमने के इरादे से धमतरी आए थे। यह वारदात अर्जुनी थाना क्षेत्र के सिहावा रोड स्थित भोयना गांव के अन्नपूर्णा ढाबे में हुई।

रायपुर से धमतरी आए थे घूमने
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान सूरज तांडी और नितिन तांडी (दोनों संतोषी नगर, रायपुर निवासी) तथा आलोक ठाकुर (सेजबहार निवासी) के रूप में हुई है। आलोक पेटी ठेकेदार का काम करता था जबकि सूरज और नितिन ड्राइवरी करते थे। सोमवार की रात तीनों दोस्त रायपुर से धमतरी की ओर घूमने निकले थे और रास्ते में ग्राम भोयना के पास स्थित अन्नपूर्णा ढाबे पर कुछ पूछने के लिए रुके थे।

ढाबे पर विवाद और हमला
ढाबे में पहले से मौजूद कुछ लोग, जो नशे की हालत में थे, खाना खा रहे थे और गाली-गलौज कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई, जो धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई। गुस्साए बदमाशों ने पहले एक युवक को 100 मीटर तक दौड़ाया और फिर उसके सीने पर चाकू से वार किया। इसके बाद तीनों दोस्तों पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों की संख्या छह से अधिक थी और वे ढाबे में उत्पात मचा रहे थे। हमले के दौरान दो अन्य लोग किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।
मौके पर मौत, पुलिस ने सभी हमलावरों को पकड़ा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पंचनामा कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि ढाबे में खाना खाने के बाद हमलावरों ने 300 रुपए का बिल भी नहीं चुकाया था। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सभी आरोपी नशे में धुत थे और हर आने-जाने वाले से झगड़ा कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस ने सभी संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और परिजनों में शोक की लहर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक मामूली विवाद ने तीन जिंदगियां छीन लीं और तीन परिवारों को गम में डुबो दिया। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है।











