Bihar tiger attack : पश्चिम चंपारण जिले के बगहा इलाके में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक दर्दनाक और डरावनी घटना सामने आई है। सोमवार को खेत में काम कर रहे 65 वर्षीय किसान मथुरा महतो पर एक बाघ ने हमला कर दिया और उन्हें मारकर सिर और गले का हिस्सा खा गया। घटना के बाद इलाके में खौफ का माहौल है।

घटना की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को भी बाघ के हमले का शिकार होना पड़ा। टाइगर ट्रैकर विजय उरांव पर बाघ ने झाड़ियों से निकलकर अचानक हमला कर दिया, जिसका वीडियो अब वायरल हो चुका है।

खेत में काम कर रहे किसान को बनाया शिकार
मथुरा महतो रोज की तरह खेत पर काम करने गए थे। तभी एक बाघ जंगल से निकलकर उनके पीछे से हमला कर दिया और उन्हें घसीटते हुए झाड़ियों में ले गया। आसपास मौजूद किसानों ने शोर मचाया और वन विभाग को सूचना दी। जब वनकर्मी मौके पर पहुंचे, तो किसान का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला। बाघ उनका सिर और गला खा चुका था।
रेस्क्यू टीम पर भी जानलेवा हमला
वन विभाग की 15 सदस्यीय टीम, जिसमें सीनियर टाइगर ट्रैकर विजय उरांव भी शामिल थे, बाघ की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। इसी दौरान बाघ ने झाड़ियों से निकलकर अचानक विजय उरांव पर हमला कर दिया।
हमले का वीडियो बेहद भयावह है—विजय बाघ की पकड़ में फंस जाते हैं, वह उनके पैर को जबड़े में दबोच लेता है। कुछ ही पलों में बाकी वनकर्मी लाठी-डंडों से हमला कर बाघ को पीछे हटाने की कोशिश करते हैं।
करीब 35 सेकेंड तक चला यह संघर्ष, जिसमें बाघ कुछ पलों के लिए अचेत-सा होता है और उसी दौरान टीम के सदस्य विजय को खींचकर सुरक्षित स्थान पर ले जाते हैं। गनीमत रही कि विजय उरांव की जान बच गई, हालांकि वे घायल हो गए हैं।
VIDEO वायरल, वन विभाग की तैयारी पर सवाल
यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में बाघ की ताकत और वनकर्मियों की बहादुरी दोनों स्पष्ट नजर आते हैं। हालांकि, इसने वन विभाग की सुरक्षा तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं — क्या रेस्क्यू टीम पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के साथ आई थी?
बाघ की तलाश जारी
वन विभाग के अनुसार, बाघ अब भी जंगल में सक्रिय है। इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आसपास के गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है, और ग्रामीणों से कहा गया है कि वे जंगल के पास न जाएं और खेतों में अकेले काम न करें।
यह घटना मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की गंभीरता को उजागर करती है। एक तरफ इंसानों की जान जा रही है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीव भी डर के माहौल में हिंसक होते जा रहे हैं। अब जरूरी है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए ताकि न इंसान को जान गंवानी पड़े और न ही वन्यजीवों को मारना पड़े।










