Asia Cup 2025: जैसे-जैसे एशिया कप 2025 नजदीक आ रहा है, भारतीय क्रिकेट टीम की चयन प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों और रिपोर्ट्स की मानें तो आगामी टूर्नामेंट के लिए कुछ बड़े नाम टीम से बाहर हो सकते हैं, जिनमें विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल शामिल हैं।

पंत पर से हट रहा भरोसा?
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषभ पंत को अब टीम इंडिया टी20 फॉर्मेट की योजनाओं में नहीं रख रही है। टीम मैनेजमेंट की नजर अब संजू सैमसन पर है, जिन्होंने पिछले एक साल में टी20I में खुद को लगातार साबित किया है। इसके अलावा जीतेश शर्मा को भी बैकअप विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि पंत ने भारत के लिए 76 टी20I मैचों में 1209 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि उनके स्ट्राइक रेट और निरंतरता पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। संजू और जीतेश दोनों ही विस्फोटक बल्लेबाजी और बेहतर विकेटकीपिंग के कारण फिलहाल चयनकर्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।
जायसवाल को भी झटका
टी20 में एक और बड़ा नाम जो टीम की योजना से बाहर बताया जा रहा है, वह है यशस्वी जायसवाल। 23 टी20 मैचों की 22 पारियों में 723 रन बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने 1 शतक और 5 अर्धशतक जड़े हैं, लेकिन हाल ही में अभिषेक शर्मा के जबरदस्त प्रदर्शन ने समीकरण बदल दिए हैं।
अभिषेक शर्मा न सिर्फ पावरप्ले में आक्रामक शुरुआत देने में माहिर हैं, बल्कि वह बाएं हाथ के विकल्प के रूप में संतुलन भी प्रदान करते हैं। यही वजह है कि अब टीम मैनेजमेंट उन्हें टी20 का प्रमुख सलामी बल्लेबाज मान रही है।
क्या खत्म हो गया पंत-जायसवाल का टी20 करियर?
ऐसा कहना अभी जल्दबाज़ी होगा। दोनों खिलाड़ियों की उम्र और प्रतिभा को देखते हुए उन्हें पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। लेकिन एशिया कप 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर रहना, निश्चित तौर पर टी20 वर्ल्ड कप 2026 की राह को कठिन बना सकता है।
टीम इंडिया की नई सोच
टीम मैनेजमेंट फिलहाल ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है जो फॉर्म में हैं और तेज खेल सकते हैं। टी20 के मौजूदा ट्रेंड के अनुसार, तेज़ स्ट्राइक रेट, फील्डिंग में तेज़ी और बैलेंस्ड स्किल सेट को ज़्यादा महत्व दिया जा रहा है। ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी अगर टी20 योजनाओं से बाहर हो रहे हैं, तो यह न सिर्फ चयन की रणनीति में बदलाव को दर्शाता है, बल्कि यह संकेत भी है कि अब प्रदर्शन के साथ निरंतरता सबसे बड़ा पैमाना बन गया है।










