Partition Horrors Day: हर साल 14 अगस्त को भारत ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में उन लाखों लोगों को श्रद्धांजलि देता है, जिन्होंने 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान अपनों को खोया, विस्थापन का दर्द सहा और असहनीय हिंसा झेली।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों से सामाजिक एकता और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: “साहस और पुनर्निर्माण का प्रतीक है यह दिन” प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

“भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मना रहा है। उस दुखद अध्याय में अनगिनत लोगों ने जो पीड़ा झेली, यह दिन उनके साहस को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने जिस संकल्प और ताकत से दोबारा जीवन की शुरुआत की, वह प्रेरणादायक है। यह दिन हमें एकजुट भारत के निर्माण की जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दी श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में लिखा: “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 की उस दर्दनाक घटना को याद करते हुए मैं उन सभी को श्रद्धांजलि देता हूं जिन्हें नफरत और हिंसा का शिकार होना पड़ा। हम सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।”
आजादी के साथ आया था बंटवारे का जख्म
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी, लेकिन इससे एक दिन पहले 14 अगस्त को पाकिस्तान का गठन हुआ। यह विभाजन धार्मिक आधार पर किया गया था, जिसने उपमहाद्वीप को हमेशा के लिए बदल दिया। इस विभाजन ने मानव इतिहास के सबसे बड़े और दर्दनाक पलायनों में से एक को जन्म दिया। आंकड़ों के मुताबिक:
करीब 2 करोड़ लोग विस्थापित हुए
लाखों की जानें गईं
हजारों महिलाओं के साथ हिंसा और अपहरण की घटनाएं हुईं
इस दिन का महत्व क्यों है?
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल इतिहास को याद करने का दिन नहीं, बल्कि सामूहिक चेतना को जागृत करने का एक अवसर है। यह दिन:
सांप्रदायिक सौहार्द और एकता के मूल्यों को मजबूत करता है
हमें अतीत की गलतियों से सीखने की प्रेरणा देता है
नफरत की राजनीति से दूर रहने की चेतावनी भी है
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 2025 पर हम उन सभी भारतीयों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जो इस ऐतिहासिक त्रासदी का शिकार हुए। प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री के संदेश हमें यह याद दिलाते हैं कि एकता, सहनशीलता और पुनर्निर्माण की भावना ही हमारे देश की असली ताकत है।
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