Congress new movement : कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि राहुल गांधी की लड़ाई जनादेश की रक्षा करने, चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाए गए “वोट चोरी” के आरोपों को उजागर करने और लोकतंत्र को बचाने की है। पार्टी ने इन कथित चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ अपने अभियान को जनता से जोड़ने के लिए लोगों से आग्रह किया है कि वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) बदलकर समर्थन जताएँ। चुनाव आयोग और बीजेपी ने खारिज किए आरोप कांग्रेस के दावों पर चुनाव आयोग और बीजेपी दोनों ने ही पलटवार करते हुए कहा है कि वोट चोरी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। दोनों संस्थाओं ने इन दावों को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया। इसके बावजूद कांग्रेस अपने अभियान को और तेज करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। जयराम रमेश का तीखा बयान कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “चोरी किया गया हर वोट हमारी आवाज़ और पहचान की चोरी है।” उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की यह लड़ाई केवल एक राजनीतिक संघर्ष नहीं बल्कि लोकतंत्र की आत्मा को बचाने की जंग है। सोशल मीडिया पर डीपी बदलने की अपील जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी की इस लड़ाई में जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की डिस्प्ले पिक्चर बदलें और “वोट चोरी” के खिलाफ एकजुटता दिखाएँ। इसके लिए पार्टी ने एक विशेष लिंक भी जारी किया है। इस डीपी पर गोलाकार तरीके से “वोट चोरी से आज़ादी” और “वोट चोरी बंद करो” लिखा हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने बदली अपनी प्रोफाइल तस्वीरें अभियान की शुरुआत के तुरंत बाद कई कांग्रेस नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डीपी बदलकर इस आंदोलन को समर्थन दिया। पार्टी का मानना है कि इस डिजिटल माध्यम से व्यापक जनसमर्थन तैयार किया जा सकता है और लोगों को इस मुद्दे से सीधे जोड़ा जा सकता है। जनता के लिए लॉन्च हुआ वेब पोर्टल कांग्रेस ने आम नागरिकों को इस अभियान में जोड़ने के लिए एक वेब पोर्टल भी लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर लोग पंजीकरण करा सकते हैं और चुनाव आयोग से “वोट चोरी” पर जवाबदेही की मांग कर सकते हैं। साथ ही वे डिजिटल मतदाता सूची लागू करने की मांग का समर्थन भी दर्ज करा सकते हैं। डिजिटल आंदोलन से सड़क पर संघर्ष तक कांग्रेस का यह कदम संकेत देता है कि पार्टी चुनावी अनियमितताओं को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहती है। डिजिटल अभियान से शुरुआत करते हुए पार्टी आने वाले दिनों में इसे सड़कों पर आंदोलन के रूप में भी विस्तार दे सकती है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी की लड़ाई केवल व्यक्तिगत या दलगत राजनीति नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की जंग है। जहां चुनाव आयोग और बीजेपी इन आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं, वहीं कांग्रेस सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों को हथियार बनाकर जनता को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक टकराव और तीखा हो सकता है। Read More : Vice President election, बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक आज, उम्मीदवार के नाम पर होगी चर्चा





कांग्रेस का यह कदम संकेत देता है कि पार्टी चुनावी अनियमितताओं को एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाना चाहती है। डिजिटल अभियान से शुरुआत करते हुए पार्टी आने वाले दिनों में इसे सड़कों पर आंदोलन के रूप में भी विस्तार दे सकती है।











