Vice President election : केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने रविवार, 17 अगस्त को संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 6 बजे दिल्ली में होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यदि सहमति बनती है, तो पार्टी उसी दिन अपने उम्मीदवार का नाम घोषित भी कर सकती है।

एनडीए का शक्ति प्रदर्शन होगा नामांकन के दिन


बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने अपने सभी सहयोगी राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को 21 अगस्त को दिल्ली में उपस्थित रहने के लिए कहा है। इस दिन एनडीए के उम्मीदवार का नामांकन दाखिल किया जाएगा। नामांकन के दौरान सभी शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को विपक्ष के सामने शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
इंडिया गठबंधन भी उतारेगा साझा उम्मीदवार
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने भी साझा उम्मीदवार खड़ा करने का ऐलान किया है। हालांकि अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि विपक्ष का उम्मीदवार किस पार्टी से होगा और कौन होगा। इसको लेकर गठबंधन के भीतर चर्चा तेज हो गई है और अगले कुछ दिनों में नाम सामने आने की संभावना है।
चुनाव आयोग ने जारी किया कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग ने 7 अगस्त 2025 को उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके मुताबिक नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है। 22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 25 अगस्त तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाने की संभावना है।
धनखड़ के इस्तीफे के बाद खाली हुआ पद
यह चुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया।

स्वास्थ्य कारणों से लिया निर्णय
धनखड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा कि उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है और डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण विश्राम की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा गौरव रहा, लेकिन अब स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना उनकी मजबूरी है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
धनखड़ के इस्तीफे और उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक ओर एनडीए अपने शक्ति प्रदर्शन के जरिए एकजुटता दिखाना चाहता है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी INDIA गठबंधन भी साझा उम्मीदवार उतारकर सत्तारूढ़ दल को कड़ी चुनौती देने की रणनीति बना रहा है।
9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत और गठबंधन की परीक्षा भी होंगे। बीजेपी-एनडीए जहां जीत सुनिश्चित करने के लिए मजबूत तैयारी कर रहे हैं, वहीं विपक्ष भी संयुक्त उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बनाने की कोशिश में जुटा है।
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