Chhattisgarh cabinet expansion: छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज का दिन अहम साबित हो सकता है। राज्य में लंबे समय से अटके मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिन विधायकों को मंत्री बनाया जाना है उन्हें आज नियुक्ति से 4 घंटे पहले फोन कॉल आने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त से विदेश दौरे पर जा रहे हैं, ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे इसके पहले ही कैबिनेट विस्तार कर सकते हैं। किन नामों पर है चर्चा? मंत्री पद की रेस में कई विधायकों के नाम चर्चा में हैं। इनमें प्रमुख हैं: गजेंद्र यादव संपत अग्रवाल नीलकंठ टेकाम चैतराम अटामी इसके अलावा अमर अग्रवाल और भावना के नाम भी संभावित मंत्रियों की सूची में शामिल बताए जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस बार नए चेहरों को मौका देकर मंत्रिमंडल को संतुलित करने की कोशिश करेंगे। नए चेहरों को मौका मिलने की उम्मीद विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि विष्णु देव साय की कैबिनेट में अधिकतर मंत्री पहली बार मंत्री बने हैं, ऐसे में नए और युवा विधायकों को भी जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह कदम भाजपा के भीतर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीनियर मंत्री के इस्तीफे की चर्चा सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि कैबिनेट विस्तार से पहले एक सीनियर मंत्री का इस्तीफा लिया जा सकता है। कहा जा रहा है कि उन्हें संगठन या किसी बड़े संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। क्या है राजनीतिक संदेश? छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार को भाजपा की 2028 की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। नए मंत्रियों के शामिल होने से सरकार को संगठनात्मक स्तर पर मजबूती मिलने की संभावना है। वहीं क्षेत्रीय संतुलन के जरिए जनजातीय और पिछड़े वर्ग के वोटरों को साधने की भी कोशिश होगी। फिलहाल, छत्तीसगढ़ की राजनीति की निगाहें केवल मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी हैं। क्या मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नए चेहरों को आगे लाकर सियासी समीकरण बदल पाएंगे? यह आज शाम तक साफ हो जाएगा। Read More : Bijapur Naxal attack : बीजापुर में नक्सलियों का आईईडी विस्फोट, एक जवान शहीद, तीन घायल – हाल ही में दो खूंखार नक्सली ढेर














